काठमाण्डू, ८ पुसः प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन कानुन तथा व्यवस्थापनसम्बन्धी परामर्श सम्पन्न भेल अइछ । सोमदिन सिंहदरबारमे भेल सर्वपक्षीय परामर्शमे प्रधानमन्त्री सुशीला कार्की सब राजनीतिक दलकेँ निर्वाचनमे निश्चिन्त भ सहभागी होबाक लेल आग्रह केलैन । निर्वाचनकेँ सङ्कट नै परिवर्तन आ उत्साहके माध्यमके रूपमे लेबाक लेल ओ जोड़ देलैन ।
कार्यक्रममे गृह मन्त्रालय आ निर्वाचन आयोगक प्रस्तुतिके बाद आठ गोटे नागरिक समाजक अगुवा, १४ गोटे विभिन्न राजनीतिक दलक नेता तथा दू गोटे जेनजी प्रतिनिधि अपन धारणा व्यक्त कएने छलैन । परामर्शमे सहभागी अधिकांश लोग निर्वाचन होबाक चाही से धारणा व्यक्त कएने छलैन ।
संविधानअनुसार प्रतिनिधि सभाके दूटा अधिवेशनक बीचमे छ महिनासँ बेसी रिक्तता नै होबाक चाही से व्यवस्थाके कारण निर्वाचन अपरिहार्य भेल प्रधानमन्त्री कार्की बतौलैन । निर्वाचन शांतिपूर्ण रूपमे परिवर्तन आनबाक माध्यम भेलासँ हिंसा आ विद्रोहके सट्टा निर्वाचनसँ होएबला परिवर्तन दीर्घकालीन आ लोकतान्त्रिक होबाक चाही से प्रधानमन्त्री कार्की धारणा व्यक्त केलैन ।
भादब २३ आ २४ गते भेल हिंसात्मक घटनाप्रति दुःख व्यक्त करैत प्रधानमन्त्री कार्की ओइसँ समाज आ राष्ट्रकेँ परिवर्तनक आवश्यकता महसुस करौने बतौलैन । जेनजी आ युवा पुस्ताद्वारा उठाएल गेल प्रश्नसभक समाधान करबाक दायित्व सबके भेल कहैत ओ परिवर्तित समयअनुसार राजनीतिक दलसँ आओर बेसी सकारात्मक भूमिका अपेक्षित भेल धारणा राखलैन ।
सरकार आलोचना सहन करबाक लेल तैयार भेल, मुदा ओ आलोचना देशक हितके लेल होबाक चाही तइपर प्रधानमन्त्री कार्की जोड़ देलैन । “सरकारपर जेनजी आ दल दूनुसँ आलोचना भ रहल छै । हमसभ ओ सहन करबाक लेल तैयार छी । राजनीतिक दल, नागरिक समाज, पत्रकार आ कर्मचारी सबकेँ देशक उन्नति आ विकासक लेल सहयोग करबाक लेल आग्रह क रहल छी । तइ, बाँकी समयकेँ प्रभावकारी रूपमे उपयोग करैत निरन्तर संवाद आ काज भ रहल छै । अइमे सब कियो लागू, निर्धारण कएल गेल समयमे निर्वाचन कराऊ”, ओ कहलैन । (रासस)





