हमहुँ लोहे-पानि छी
संस्कृति मिश्र खोट समय, नहि उघि सकैछ सम्बन्धक रद्दीकेँ नहि भ’ सकैछ चेहरा पर चेहरा जँ दुनियाँ रखने अछि चेहरा पर चेहरा तँ हम की करी? हम, हम छी नहि भ’ सकैत छी अपनेसँ अपनासँ अलग लोहाके काटू, निकलैत अछि […]
संस्कृति मिश्र खोट समय, नहि उघि सकैछ सम्बन्धक रद्दीकेँ नहि भ’ सकैछ चेहरा पर चेहरा जँ दुनियाँ रखने अछि चेहरा पर चेहरा तँ हम की करी? हम, हम छी नहि भ’ सकैत छी अपनेसँ अपनासँ अलग लोहाके काटू, निकलैत अछि […]