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भिखारी ठाकुर -(जयंती विशेष)
‘फुटि गइल भगिया कि रुठि गइने बिधना’
मधेशमे सरकारी कामकाजक भाषाक रुपमे कार्यान्वयन करबाक मांग
पतिया रोई-रोई ना, लिखावे रजमतिया’
गजल (भोजपुरी)
घोङ्हि (थारू कविता)
कमिसन (मगही कविता)
पत्रकार आरती कएलक ‘राजागंज’मे इन्ट्री: अभिनयके प्रशंसा
आँखों को नम ना रखना कभी
भिखारी ठाकुर प लिखाइल पहिला किताब
राससके निशुल्क सेवा : मैथिली, नेपाल आ अवधी भाषामे समाचार
ये दुनिया
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