प्रादेशिक ललितकला प्रदर्शनी सुरु


धनुषा, २६ माघः नेपाल ललित कला प्रज्ञा प्रतिष्ठान आ मैथिली विकास कोष जनकपुरधामके संयुक्त आयोजनमे ‘प्रादेशिक ललितकला प्रदर्शनी–२०८२’ रैबदिनसँ औपचारिक रूपमे सुरु भेल अइछ । अइसँ पहिने प्राविधिक कारणसँ स्थगित कएल गेल प्रदर्शनी रैबदिनसँ सुरु भेल अइछ ।

प्रदर्शनीके उद्घाटन करैत मधेश प्रदेश प्रमुख डा. सुरेन्द्र लाभ मधेशक कलाकारसभ अपन कला, संस्कृति आ पहिचानकेँ सिर्जनात्मक माध्यमसँ उजागर क रहल कहैत प्रशंसा केलैन ।

ओ कहलैन, “ललितकला पहिचान आ सभ्यताके प्रतिविम्ब छै । मधेश प्रदेशक कलाकारसभ अपन सिर्जनामार्फत राष्ट्रिय तथा अन्तर्राष्ट्रियस्तरमे प्रदेशक गौरव बढ़ा रहल छै । एहन प्रदर्शनीसभ प्रतिभा पहिचान आ प्रवर्द्धनमे महत्त्वपूर्ण भूमिका निर्वाह करैत अइछ ।”

राज्यके कला आ संस्कृतिके संरक्षण तथा प्रवर्द्धनमे आओर ध्यान देबाक आवश्यकता भेल कहैत प्रदेश प्रमुख डा.लाभ अइ तरहक कार्यक्रमकेँ निरन्तरता देबाक लेल आग्रह केलैन ।

मैथिली विकास कोषक अध्यक्ष जीवनाथ चौधरी मधेश प्रदेशक विभिन्न जिलासँ आएल कलाकारसभक चित्रकला, मूर्तिकला, हस्तकला तथा समसामयिक कला कृतिसभ प्रदर्शनमे राखल गेल आ ओइसँ एकर पहिचान उजागर करबामे सहज भेल बतौलैन । प्रदर्शनीसँ स्थानीय कला, संस्कृति आ मौलिक पहिचानक प्रवर्द्धनमे सहयोग होबाक विश्वास रहल ओ बतौलैन । रासस

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