पहाड़ आ हिमाली क्षेत्रमे पूर्वाधार सेवा प्रवाहके प्रतिव्यक्ति लागत बढ़ैत


काठमाण्डू, १४ जेठः आर्थिक सर्वेक्षण २०८२/८३ क अनुसार ग्रामीण क्षेत्रक जनसङ्ख्या घटैत आ शहरी क्षेत्रक जनसङ्ख्या बढ़ैत गेलासँ पहाड़ तथा हिमाली क्षेत्रमे पूर्वाधार निर्माण आ सेवा प्रवाहक प्रतिव्यक्ति लागत बढ़ैत गेल अइछ। उच्च जनघनत्व रहल तराई-मधेश क्षेत्रमे पैघ पूर्वाधार आयोजनामे आओर लगानी करएबला आवश्यकता रहल से सर्वेक्षण उल्लेख अइछ।

तीव्र शहरीकरण, शहर केन्द्रित आर्थिक गतिविधिक विस्तार तथा जीवनस्तरमे आएल सुधारक सङे योजनाबद्ध शहरी पूर्वाधार, व्यवस्थित बस्ती विकास, गुणस्तरीय आवास तथा भरोसगर ऊर्जा आपूर्तिक आवश्यकता बइढ़ रहल सर्वेक्षणमे उल्लेख अइछ। सरकार चालु आर्थिक वर्षमे सड़क, ढल, खानेपानी, फोहर व्यवस्थापन, हरित सार्वजनिक स्थल तथा एकीकृत बस्ती विकासक कार्यक्रमकेँ प्राथमिकतामे राखैत शहरी पूर्वाधार विस्तारमे जोड़ देने अइछ।

सङे विपद् जोखिम न्यूनीकरण, भूकम्प प्रतिरोधी संरचना निर्माण तथा जलवायु अनुकूल शहरी योजना कार्यान्वयनमार्फत टिकाउ आ समावेशी शहर निर्माण दिस सरकार केन्द्रित अइछ। गामसँ शहर दिस बसाइँसराइ बढ़ैत गेलासँ जनसङ्ख्याक भौगोलिक संरचनामे परिवर्तन देखल गेल अइछ। सर्वेक्षण अनुसार देशक करिब १७ प्रतिशत भू-भाग रहल तराई-मधेश क्षेत्रमे ५३ दशमलव सात प्रतिशत जनसङ्ख्या बसोबास करैत आएल छै तँ पहाड़ी तथा हिमाली क्षेत्रमे ४६ दशमलव तीन प्रतिशत जनसङ्ख्या रहल अइछ।

ऊर्जा क्षेत्र दिस नेपाल विद्युत्मे आत्मनिर्भरता दिस उन्मुख होइत जा रहल अइछ। विद्युत् उत्पादनमे निरन्तर वृद्धि भ २०८२ फागुनधैर कूल जडित क्षमता चाइर हजार १०५ मेगावाट पहुँचल अइछ। राष्ट्रिय प्रसारण लाइन (६६ केभी आ ओइसँ ऊपर) क लम्बाइ सात हजार २८० सर्किट किलोमिटर पहुँचल अइछ। अइ अवधधैर देशक ९९ दशमलव एक प्रतिशत जनसङ्ख्यामे विद्युत् पहुँच विस्तार भेल सर्वेक्षणमे उल्लेख कएल गेल अइछ। (रासस)

ताजा खबर
लोकप्रिय