महोत्तरी, २ चैत: एहिबेरक होली पावैन तीन दिनसँ लगातार मनाएल जा रहल अइछ। फागुन पूर्णिमासँ मधेशमे आरम्भ भेल होली पावैन खास-खास ठाममे आइयो मनाएल जा रहल अइछ।
महोत्तरी जिलाक सात गोट स्थानीय तहमे आइ धूमधामसँ होली मनएबाक तैयारी अइछ। मधेशमे होली मनएबाक तीनटा परम्परा अइछ। पहाड़़के समुदाय फागुन पूर्णिमाक दिन होली खेलैत अइछ। ओही तरहेँ, पूर्णिमा समाप्त होएत आ चैत शुक्ल प्रतिपदाक आरम्भ होएबाक समयमे मधेशक पूरा भागमे होली मनाएल जाइत अइछ। एहि दुनूक बाहेक मैथिल परम्पराअनुसार सेहो किछु ठाममे आइ होली खेलल जाइत अइछ। ओहि ठामसभमे मटिहानी, जलेश्वर, महोत्तरी, बलवा, लोहारपट्टी, पिपरा आ भंगहा नगर तथा ग्रामीण क्षेत्र समावेश अइछ।
खास क मिथिला मध्यमिकी परिक्रमाक यात्रासँ जुड़ल ई परम्परा १५ दिनक परिक्रमाक १६म् दिन जनकपुरधाममे अन्तरगृह परिक्रमे सम्पन्न भेलाक बादक दिन होली मनएबाक चलन अइछ। जकरा अनुसार, शुक्रदिन अन्तरगृह परिक्रमे भेलाक बाद आइ ओहि स्थानसभमे होली मनाएल जा रहल अइछ। ई परम्परा मध्यामिकी परिक्रमा मार्गक १३३ किलोमीटरक परिधिमे आबैवला बस्तीसभमे प्रचलित अइछ।
भिन्न-भिन्न परम्पराक कारण होली मनएबाक दिनमे अन्तर होएब जरूर रहैत अइछ, मुदा तीनू दिनक होलीमे लोकसभ जोश-उत्साहसँ समावेश होइत अइछ। मटिहानीक नगर प्रमुख हरिप्रसाद मण्डल कहलैन जे ई पावैन मात्रे मनोरंजनक अवसर नै बल्कि समाजमे आपसी मेल-जोल आ सौहार्द बढ़एबाक माध्यम सेहो अइछ।





