काठमाण्डू, १४ चैतः पर्यटन व्यवसायीसभ हवाई टिकटमे लगाएल गेल मूल्य अभिवृद्धि कर (भ्याट) हटेबाक मांग कएलैन। नेपाल एसोसिएसन अफ टुर एन्ड ट्राभल एजेन्ट्स (नाट्टा)द्वारा आयोजित व्यवसायी आ सरोकारवालासभ सङे अन्तरक्रिया कार्यक्रममे वक्तासभ हवाई टिकटमे लागल भ्याट हटाए क अन्य विकल्प ताकै लेल सुझाव देलैन ।
व्यवसायीसभ कहलैन “हवाई भाड़ा महँग होएबाक कारण विदेशसँ नेपाल आवएबला नेपाली नागरिकसभ विदेशी एयरलाइन्सक प्रयोग करबाक लेल बाध्य भ रहल छैथ।” ओसभ नेपाल आगमनकेँ सहज बनेबाक आग्रह कएलैन। टिकट महँग भ गेलासँ नेपाल आबएबला विदेशी पर्यटकसभपर सेहो प्रभावित भ रहल अइछ।
नेपाल वायु सेवा सञ्चालक संघक अध्यक्ष मनोज कार्की बतौलैन “हवाई टिकटमे लगाएल गेल भ्याट एयरलाइन्ससभकेँ सेहो प्रभावित क रहल अइछ, जाहिसँ यात्रीसभ महँग टिकट किनबाक लेल बाध्य भ रहल छैथ। ई मात्रे हवाई उड्डयन क्षेत्रमे नै, बल्कि पर्यटन क्षेत्रक अन्य व्यवसायसभपर सेहो प्रत्यक्ष असर क रहल छै।”
नेपाल पर्वतारोहण संघक वरिष्ठ उपाध्यक्ष ठाकुरराज पाण्डे कहलैन “समग्र पर्यटन क्षेत्रमे लागल करकेँ नीतिगत रूपमे सहज बनेबाक आवश्यकता अइछ।” ओ आगाँक आर्थिक वर्षक बजेटमे हवाई क्षेत्र सहित अन्य पर्यटन व्यवसायसभपर लगाएल गेल करमे फेरबदल करबाक आवश्यकतापर जोड़ देलैन ।
नाट्टाक पूर्व अध्यक्ष मधु आचार्य सरकारकेँ सुझाव देलैन “हवाई टिकटपर लगाएल गेल कर हटा क अन्य विकल्प खोजल जाए।” ओ भारतक उदाहरण दैत कहलैन “ओत आन्तरिक हवाई सेवापर मात्र पाँच प्रतिशत आ बिजनेस क्लास टिकटमे १२ प्रतिशत कर लगाएल जाइत छै, मुदा नेपालमे ई कर व्यावहारिक नै अइछ। “हवाई टिकट महँग होएबाक कारण विदेशी पर्यटकसभ नेपाल आबैसँ परहेज क रहल छैथ,” ओ कहलैन, “पर्यटन क्षेत्रकेँ आकर्षित करबाक लेल हवाई टिकटपर भ्याट हटाए क अन्य उपाय खोजब उचित हएत ।”
रेस्टुरेन्ट एन्ड बार एसोसिएसन (रेबान) क अध्यक्ष संघर्ष बिष्ट सेहो कहलैन “हवाई टिकट महँग होएबाक कारण नेपाल धुमैबला विदेशी पर्यटकसभ घइट रहल छैथ।” ओ दाबी कएलैन जे भ्याटक कारण व्यावसायिक वातावरण बाधित भ रहल छै आ समग्र व्यवसायपर असर भ रहल छै। सरकार चालू आर्थिक वर्ष २०८०/८१ क बजेट वक्तव्य मार्फत हवाई टिकटपर भ्याट लागबाक प्रावधान कएने छल।





