‘सबके मांग सम्बोधन लेल संविधान संशोधन आवश्यक


काठमाण्डू, ३ वैशाखः पूर्व उपराष्ट्रपति परमानन्द झा संविधान कार्यान्वयनक क्रममे देखाएल गेल संशोधनक आवाजसभकेँ सम्बोधन कएल जाए तँ संविधान टिकाउ बइन सकैत अइछ, एहन धारणा व्यक्त कएलैन।

दिशानिर्देश प्रेस क्लबद्वारा आइ आयोजित कार्यक्रममे, पूर्व उपराष्ट्रपति झा कहलैन “ सब वर्ग, क्षेत्र आ समुदायक मांग सभक सम्बोधन लेल संविधानमे संशोधन जरूरी अइछ।”

उपत्यका राष्ट्रिय दैनिक, दिशानिर्देश राष्ट्रिय साप्ताहिक आ दिशानिर्देश प्रेस क्लबक २२म् वार्षिकोत्सवक अवसरमे आयोजित कार्यक्रममे ओ कहलैन जे तत्कालीन समयमे संविधान हड़बड़ीमे जारी कएल गेल छलै।

ओ कहलैन, “प्रमुख दलसभ स्वयं संविधान संशोधनक एजेण्डा ल क आगाँ बइढ़ रहल छैथ। संविधान जनताके मांग अनुरूप संशोधन भ क आगू बढ़बाक लेलाइ आवश्यक अइछ। ताहिमे सभक कल्याण निहित अइछ।”

ओहि कार्यक्रममे वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी कहलैन जे लोकतन्त्रक रक्षा लेल स्वतन्त्र, निष्पक्ष आ जीवंत पत्रकारिता अनिवार्य अइछ।

राष्ट्रिय समाचार समिति (रासस)क पूर्व अध्यक्ष कुलचन्द्र वाग्ले कहलैन “पूर्वराष्ट्रपति आ उपराष्ट्रपतिद्वारा पुनः राजनीतिक भूमिकामे फेरसँ जाएब शोभनीय नै अइछ।”

वरिष्ठ पत्रकार हरिहर विरही कहलैन “नागरिक सर्वोच्चता कायम राखबामे आमसञ्चारक महत्वपूर्ण भूमिका होइत अइछ। आब राजतन्त्र फेरसँ फर्कनाइ सम्भव नै छै।”

दिशानिर्देश पत्रिकाक सम्पादक जेपी गुप्ता ‘मायालु’ कहलैन “सर्वोच्च अदालतक फैसलाकेँ अवहेलना करैत प्रेस काउन्सिल नेपाल हुनकासभकेँ बारम्बार पत्र काइट रहल अइछ, जे आपत्तिजनक अइछ।” रासस

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