काठमाण्डू, २९ वैशाखः शान्तिक अग्रदूतक रूपमे विश्वभर प्रसिद्ध सिद्धार्थ गौतमक २५६९म् जयन्ती आइ बुद्धके पूजा, आराधना आ प्रवचनसहित मनाएल जा रहल अइछ।
प्रत्येक वर्ष वैशाख शुक्ल पूर्णिमाक दिन बुद्धजयन्ती मनाएल जाइत अइछ। सिद्धार्थ गौतमद्वारा विश्वमे शान्ति स्थापनाक लेल देल गेल अतुलनीय योगदानक स्मरणमे ई पावैन मनाएल जाइ छै। बुद्धके जन्म, ज्ञान प्राप्ति आ महापरिनिर्वाण (मृत्यु) — एहन त्रि-संयोग एक्के तिथि, वैशाख शुक्ल पूर्णिमामे होएबक कारणेँ नेपाल सहित विश्वक बौद्ध धर्मावलम्बीसभ एहि दिन बुद्धप्रति भावपूर्ण श्रद्धा आ भक्तिक सङ बुद्धजयन्ती मनबैत छैथ। ‘अहिंसा शान्ति आ मैत्रीक आधारशिला होइ छै’ — एहिने अनेक कालजयी सन्देशक वाहक भगवान गौतम बुद्धक २५६९म जयन्ती शान्तिक कामनाक सङ आइ देशभैर मनाएल जा रहल अइछ।
बौद्ध धर्मावलम्बीसभद्वारा चैत्य, गुम्बा, विहार आदि स्थलगति लामा आ बौद्ध धर्मगुरुसभक अगुवाईमे परम्परागत पूजा-पद्धति सम्पन्न कएल जाइत अइछ। सरकार आम नागरिकसभकेँ साँझमे अपन घरपर दीप प्रज्वलन क बुद्धजयन्ती मनाबै लेल आह्वान कएलक अइछ।
एहि अवसरमे लुम्बिनी, स्वयम्भू, बौद्ध सहित स्थलगति विविध कार्यक्रम आयोजित क बुद्धजयन्ती मनाएल जाएब परम्परा रहल अइछ। ईसा पूर्व ५६३ — अर्थात् आइसँ २५६९ वर्ष पूर्व, रुपन्देही जिलास्थित लुम्बिनी उद्यानमे राजा शुद्धोधन आ माता मायादेवीक संतान रूपमे वैशाख शुक्ल पूर्णिमाक दिन सिद्धार्थ गौतमक जन्म भेल छल। राज कुमार रूपेँ जन्म लेलाक उपरान्त, मानवीय दुःख देखिकए ओ चिन्तित भ गेल छल। उनन्तीस वर्षक उमेरमे ओ दरबार त्यागिकए तपस्याक लेल प्रस्थान कएलैन। रासस






