राजाजी डाँडासँ सलहेश सर्किट धैर : लहानक नब पर्यटकीय सपना


सुदिप राउत/रासस
सिरहा, १३ अखार : लहान नगरपालिका–१६मे अवस्थित राजाजी डाँडा आब केवल एकटा धार्मिकस्थल मात्र नै, एकटा ऐतिहासिक चेतनाक प्रतीक आ पर्यटकीय सम्भावना रहल स्थलकेँ रूपमे परिचित भ रहल अइछ । स्थानीयवासीक अपेक्षा, धार्मिक आस्था आ नगरपालिकाक योजना बीचक समन्वयसँ राजाजी डाँडा एकीकृत धार्मिक पर्यटकीय केन्द्रकेँ रूपमे विकास होबए लागल अइछ ।

सयौँ वर्ष पुरान इँटाक मन्दिर, इनार आ खुला डाँडामे रहल देव हाट जकाँ चिजसभ राजाजी डाँडाक धार्मिक आ सांस्कृतिक महत्त्वकेँ आओर मजबूत बनेने अइछ । जत स्थानीय बासी पूजापाठ, कबुला, देवता पूजा जकाँ धार्मिक गतिविधिमे सहभागी होइत छै । स्थानीय जनविश्वास अनुसार सङ्कटक समयमे एहि ठामके देवता राजाजी बाबाकेँ पुकारलासँ कल्याण होइ छै, मनोकामना पूरा होइ छै ।

लहान–१६केँ वाडध्यक्ष गडुलबहादुर जर्घामगरक अनुसार पौराणिककालमे ई डाँडामे राजाकेँ दरबार रहल आओर एहि ठामसँ राजकाज सञ्चालन होइत छलै से किंवदन्ती अइछ । एखन जनविश्वासमे रहल राजा सलहेश, वस्तुतः ओइ दरबारकेँ प्रधानमन्त्री छलाह । “राजाजीए सलहेशक गुरुए छलाह । जिनकरकेँ नामपर आइ ई डाँडाकेँ चिनल जाइत अइछ । इएह भाष्य जनमानसमे व्याप्त अइछ । एकरा विश्वासो कएल जाइत अइछ आ तकर विश्वसनीय आधारो भेटैत अइछ”, वाडध्यक्ष जर्घामगर कहैत छैथ ।

स्थानीय वृद्धसभक कथनअनुसार ई डाँडामे पहिने इँटाक नम्हर-नम्हर देबाल छलै, जे सयौँ वर्ष पुरान छै । “हमरासभकेँ थाह भेल अनुसार राजाक पालीसँ ओहिने छल”, ७३ वर्षीय वाडध्यक्ष गर्जामगर स्मरण करैत छैथ । हुनकर अनुसारके आओर कहिया निर्माण कएलक ताहिमे एखनो स्पष्टता नै छै, जाहि कारण एकरा पौराणिक कालसँ रहल संरचना मानल जाइत अइछ । कोनो लिखित दस्तावेज नै भेलाक बादो एकर कथा, कर्मकाण्ड तथा पुस्तौँसँ चलैत आइब रहल पूजा परम्परा एकर पौराणिक पक्षकेँ स्पष्ट करैत अइछ ।

आइयो ओ पुरान इँटा यथावते छै, मुदा संरक्षणक अभावमे अवस्था दिन-प्रतिदिन जीर्ण होइत जा रहल अइछ । एतेक पुरान संरचना आओर वस्तुक अनुसन्धान पुरातत्व विभाग यथाशीघ्र प्रक्रिया आगाँ बढेबाक चाही, वाडध्यक्ष गर्जामगरक मत अइछ । “दुर्भाग्यवश, ऐतिहासिक महत्त्व रहितो ई क्षेत्रक प्रचारप्रसार नै भेलासँ ई सम्पदा लम्बा समयधैर गाैण रहल । आब तँ स्थानीय तहके पहलमे ई क्षेत्रक विकास गति ल रहल अइछ । हालमे २५ लाख टकाके लागतमे राजाजी डाँडामे गहवर मन्दिर निर्माण भेल छै, जे पर्यटककेँ आओर आकर्षण करत से विश्वास छै”, ओ कहलैन ।

राजाजी डाँडाक संरचना, सलहेशसँ सम्बन्ध आओर एकर पुरातात्विक सम्भावना एकरा केवल सिराहा जिलाक मात्र नै, सम्पूर्ण तराईक सांस्कृतिक आओर ऐतिहासिक धरोहर बनेबाक सम्भावना देखल गेल अइछ । पहिने एत पहुँचबाक लेल एक घण्टासँ बेसी पैदल उपर चढ़बाक बाध्यता छलै । चुरे उपर–निचाँ पार करैत, श्रद्धालुसभ हरेक वर्ष अखारमे अखारी पूजा करबाक लेल राजाजी डाँडा पहुँचैत छल ।

एहि बीचमे स्थानीयक विश्वास आओर आस्थाकेँ धार्मिक पर्यटकीय क्षेत्रक रूपमे विकास कएल जा सकबाक सम्भावना देखलाक बाद पहिल बेर २०७८ सालमे निवर्तमान नगरप्रमुख मुनि साहक नेतृत्वमे डाँडाधरि ट्रयाक खोलल गेल छल । तकरा बाद चुरेक तरमे रहल झिझरी खोला पार क लगभग पाँच किलोमिटर चुरेक उपरसँ होइत राजाजी डाँडाधैर मोटर पहुँचए लागल अइछ । जाहिसँ स्थानीयकेँ धार्मिक पूजापाठ करबामे सहज भेल अइछ । स्थानीय देवेन्द्र यादव कहैत छैथ, “डाँडाधैर जेबाक रस्ता मोटरसँ बनत से कहियो नै सोचने छलाैँ । आब ट्रयाक खुजलाक बाद आब माय-बाबुजी सङ आसानीसँ डाँडा पहुँचल जा सकैत अइछ । ई बाटकेँ आओर सुधार क व्यवस्थित कएलासँ आओर सहज होएत । आन्तरिक पर्यटनक सेहो विकास होएत ।”

लहानस्थित पूर्वपश्चिम राजमार्गसँ करीब १५ किलोमिटर उत्तर चुरे क्षेत्रक उच्च बिन्दुमे अवस्थित राजाजी डाँडासँ सिराहा, सप्तरी आओर उदयपुरक विभिन्न भूभागक समतल फाँट आओर भूदृश्यसभक मनोरम दृश्य देखल जा सकैत अइछ । एतएसँ देखैबला हरियर, खेत-पथार, गाम-घर आओर फाँटसभक मिश्रित दृश्य केकरो मोहित क दैत अइछ । विशेष क गर्मीक समयमे प्रचण्ड गर्मीसँ राहत खोजबाक लेल लोक एतए पहुँचैत छैथ । सबसँ लगक उच्च बिन्दु भेलाक कारणे राजाजी डाँडा आन्तरिक तथा बाह्य पर्यटकके पसन्दमे पड़तै से लागैत अइछ ।

ई अपूर्व सम्भावनाकेँ ध्यानमे राखैत लहान नगरपालिका एकर पूर्वाधार विकासकेँ प्राथमिकता देने अइछ । नगरप्रमुख महेशप्रसाद चौधरीक अनुसार चालु आर्थिक वर्षमे राजाजी डाँडामे २५ लाख टका लागतमे नव गहवर मन्दिर निर्माण सम्पन्न भ चुकल अइछ जखन कि आबैबला २०८२/८३ मे झिंझरी खोलासँ राजाजी डाँडाधैर पैदल चइल क पहुँचए बला लोकके लेल सीढ़ी निर्माण करबाक लेल आओर बजेटक व्यवस्था कएल जेबाक योजना बनाएल गेल अइछ । नगरप्रमुख चौधरी कहैत छैथ, “राजाजी डाँडा आइ आस्था, इतिहास आओर पर्यटनक त्रिवेणी बनैत जा रहल अइछ । समयपर संरक्षण आओर प्रवर्द्धन कएल जा सकल तँ ई स्थल मधेश प्रदेशके प्रमुख पर्यटकीय गन्तव्य बनत ताहिमे कोनो शङ्का नै अइछ । ताहि लेल राजाजी डाँडाकेँ धार्मिक आओर पर्यटकीय हब बनेबाक हमरासभक दीर्घकालीन योजना अइछ ।”

राजाजी डाँडा आइ एक स्थान, अनेक सम्भावनाके स्थल बइन गेल अइछ । धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक गौरव, सांस्कृतिक धरोहर आओर प्राकृतिक सौन्दर्यक अनुपम सङ्गम बइन गेल अइछ । एकरा संरक्षण आओर प्रवर्द्धन कएलासँ भविष्यमे प्रदेशस्तरक प्रमुख पर्यटकीय गन्तव्य बइन सकबाक प्रबल सम्भावना अइछ । इएह हप्ताके रैवदिन ओइ राजाजी डाँडा पहुँच शिलालेखके उद्घाटन क नेपाली झण्डा फहरबैत नगरप्रमुख चौधरी कहलैन, “राजाजी डाँडाकेँ मात्र नै, लहानक सलहेश फूलबारी, ब्रह्मनस्थान, मानिक दह, देवी दह, हात्ती दहसँ जोइड़ क सलहेश सर्किट निर्माण करबाक हमरासभक गुरुयोजना अइछ ।”

ई योजना अनुसार सलहेशद्वारा फूलबारीमे फूल तोड़ब, मानिक दहमे स्नान करब, ब्रह्मानस्थानमे कुश्ती खेलब, पकडिया गढ़मे न्याय देब आओर अन्न भण्डारण करब तथा गर्मीक समयमे राजाजी डाँडामे शीतल हावा लेबाक कथाकेँ आधार बनाएल जाएत । “ई सब धार्मिक कथन आओर स्थानकेँ जोइड़ क लहानकेँ पर्यटकीय नगर बनाएल जा सकैत अइछ । तकरे लेल आब संरचनागत विकास सुरू कएल गेल अइछ”, नगरप्रमुख चौधरी कहलैन । चुरे क्षेत्रक डाँडामे विकासक डेग सङ-सङ प्राकृतिक सन्तुलन आओर सांस्कृतिक संरक्षणकेँ ध्यानमे रखब आवश्यक अइछ ।

स्थानीय जनआस्था, मौलिक कथन, धार्मिक अभ्यास आओर पर्यटकीय सम्भावनाकेँ सङ्गम रहल ई क्षेत्रकेँ सन्तुलित विकासमार्फत नेपालके उदाहरणीय धार्मिक–पर्यटकीय गन्तव्य बनाएल जा सकै छै से विश्वास नगरपालिका लेने अइछ । सलहेशसँ जुड़ल पौराणिक कथा, पुरान संरचना आओर चुरे क्षेत्रक प्राकृतिक सौन्दर्यताकेँ जोइड़ क एकरा अद्वितीय बनेने अइछ । पूर्वप्रधानमन्त्री माधव कुमार नेपालक नेतृत्वक सरकारद्वारा घोषणा कएल गेल बृहत् सलहेश पर्यटकीय क्षेत्र अन्तर्गतक सलहेश फूलबारी, पकडियागढ़, देवीदह आओर ब्रह्माण फूलबारी सांस्कृतिक सम्पदा भीतर सूचीकृत क देल गेल अइछ । ई सम्पदासभक संरक्षण आओर प्रवर्द्धनमार्फत ई क्षेत्रक सांस्कृतिक पुनर्जागरण, मौलिक संस्कृतिक यात्रा आओर स्थानीय पहिचानक पुन:र्निर्माणक अवसर देखल गेल अइछ ।

सलहेश फूलबारी

प्रेमक प्रतीक नयाँ सालक दिन मात्रे फूलैबला माला आकारके सुनाखरी फूल देखबाक आ मन्दिरमे पूजापाठ करबाक लेल ऐतिहासिक धार्मिक पर्यटकीय क्षेत्र सलहेश फूलबारीमे वैशाख १ गते भव्य मेला लागैत अइछ । लहान नगरपालिका वाड नं १२ आ २२ मे रहल ई फूलबारीमे हरेक वर्ष वैशाख १ गते फूलैबला सुनाखरी फूलकेँ सलहेश बाबा आ मालिनीक मिलनके प्रतीक मानल जाइत अइछ । पुरान किंवदन्ती अनुसार ई फूलबारी सलहेशक दरबार क्षेत्र भीतर पड़ैत छल । एखनो एत लाखौँ श्रद्धालु जमा होएबला फूलबारी मेला लागैत छै, जे एकरा जीवित सांस्कृतिक सम्पदाकेँ रूपमे चिन्हाबैत अइछ ।

फूलबारी मेला तराईके मौलिक सांस्कृतिक सम्पदाक जीवित उदाहरण अइछ, जत लाखौँ श्रद्धालु जमा होइत छैथ । एकर संरक्षण आओर प्रवर्द्धन स्थानीय पहिचान आओर सांस्कृतिक गर्वकेँ आओर मजबूत बना सकैत अइछ । सलहेश तराईक पासवान जातिक इष्टदेव रहल आओर चौदहम शताब्दीक लोकनायक भेलाक कारण सलहेशक पूजाअर्चना केलासँ सन्तानप्राप्ति, चर्मरोग, कुष्ठरोग सहित समस्या हरण होबाक जनविश्वास अइछ ।

पकडियागढ़

लहान नगरपालिका–१८मे अवस्थित पकडियागढ़ ऐतिहासिक, धार्मिक आओर सांस्कृतिक दृष्टिसँ महत्त्वपूर्ण स्थल अइछ, जे सलहेश सर्किट अन्तर्गत पड़ैत अइछ । हरेक वर्ष वैशाख २ गते एतए लागैबला मेलामे नेपालक विभिन्न भूभाग सहित पड़ोसि देश भारतसँ सेहो हजारौँ दर्शनार्थी जमा होइ छै ।

जनश्रुति अनुसार, ई स्थल प्राचीन समयमे राजा कुलेश्वरक दरबार छल । राजाक बेटी चन्द्रावती इएह फूलबारीमे घूमैत छलीह से विश्वास कएल जाइत अइछ । मेलाकेँ विशेष आकर्षण कहल चोहरमलद्वारा खुनल सुरूङ, जकरा देखए लेल आबैबला लोकके भीड़ लागैत अइछ ।

पकडियागढ़ परिसर भीतर रहल सार्वजनिक पोखैर संरक्षणक अभावमे विगतमे जीर्ण अवस्थामे पहुँच गेल छल । गंदा आओर संरचनात्मक बेवास्ताक कारण ओत आगमन घइट रहल छल । मुदा, हालके समयमे मधेश प्रदेश सरकारक सौन्दर्यकरण योजना अन्तर्गत ४० लाख टकाके लागतमे पोखैरके पूरब आ दक्षिणदिस घाट निर्माण, बाउण्ड्री वाल, स्टेडियम लाइट आओर मन्दिर परिसरमे पिसीसी ढलान जकाँ संरचना निर्माण कएल गेल अइछ । एहिसँ विआह, व्रतबन्ध जकाँ सामाजिक कार्य सहज भेल अइछ आओर सङे पोखरिक संरक्षण आओर धार्मिक पर्यटन प्रवर्द्धनमे सेहो सहयोग भेल अइछ ।

देवीदह

लहान नगरपालिका–१७मे अवस्थित एक ऐतिहासिक, प्राकृतिक आओर धार्मिक दृष्टिसँ पूजनीय स्थान अइछ देवीदह । पूर्वपश्चिम राजमार्गसँ करीब छ किलोमिटर उत्तरमे रहल ई दह सिराहा आ सप्तरीकेँ अलग करैबला बलान नदी कातमे भेटैत अइछ । स्थानीय जनश्रुति अनुसार त्रेतायुगीन समयसँ एतएकेँ पाइनमे स्नान कएलासँ रोग-बेमारी हँइट जाइत छै से विश्वास कएल जाइत अइछ । तहिना, मनमे उत्पन्न होबएबला शङ्कासँ भरल घाह नीक होबाक विश्वास व्यापक अइछ । मुदा, बजेट अभावमे पोखैरके संरक्षण, सम्वर्द्धन तथा चारुकातक भौतिक संरचना जीर्ण बनैत जा रहल अइछ । ई दहके धार्मिक तथा पर्यटकीय महत्वकेँ पुनर्स्थापित करबाक लेल सरकार आओर स्थानीय तहसँ बजेट आओर पहल आवश्यक अइछ ।

मानिक दह

लहान नगरपालिका–२४मे अवस्थित मानिक दह केवल प्राकृतिक जलासय मात्रे नै, सलहेश सर्किट अन्तर्गत पड़ैबला एक प्राचीन धार्मिक तीर्थस्थल अइछ । जे विशेषतः सलहेशसँ जुड़ल पौराणिक विश्वासक कारण स्थानीय जनजीवनमे गहीर आस्था अइछ ।

जानकार अनुसार सलहेश बाबा इएह दहमे स्नान करैत छलाह से धार्मिक विश्वास अइछ । इएह कारणसँ हरेक वर्ष वैशाख १ गते एतए बृहत्तर मेला लागैत अइछ, जत सिराहा, सप्तरी, उदयपुर सहित तराईक विभिन्न जिलासँ हजारौँ श्रद्धालुक आगमन होइत अइछ । मानिक दह करीब १७ बिघामे पसरल विशाल जलासय अइछ । चारुदिस हरियरी, मन्दिर आ पवित्रतासँ भरल ई स्थल धार्मिक मात्र नै, प्राकृतिक सौन्दर्यक अनुभव सेहो प्रदान करैत अइछ ।

दहके दक्षिणी भागमे डिहबारक मन्दिर, घाट निर्माण आओर डील (कात) मरम्मतके लेल एखनधैर ७० लाख टकासँ बेसी नगरके बजेट खर्च भ चुकल अइछ । सङे पश्चिम भागमे सलहेश मन्दिर निर्माण कएल गेल अइछ, जे ई क्षेत्रक धार्मिक पहिचानकें आओर मजबूत बनेने अइछ । एतकेँ पाइनमे स्नान कएलाक बाद रोग-बेमारी हँटब आ कबुला कएलासँ मनोकामना पूरा होबएकेँ जनविश्वास मानिक दहकेँ स्थानीय धार्मिक आस्थाकेँ केन्द्र बनेने अइछ ।

राजदेवी मन्दिर

तहिना, नगरपालिकाक १५ नं वाडमे अवस्थित राजदेवी माताक मन्दिर कबुला पूरा करैबला भगवती देवीस्थानकेँ रूपमे परिचित अइछ । वैशाख पूर्णिमाकेँ दिन खसी सहित चाइर प्रकारके पशुपन्छीकेँ बइल देल जाइत अइछ, जाहिमे १० हजारसँ २० हजार खसीधैर बइल देबकेँ चलन अइछ । ओइ मन्दिरमे बलि चढ़एलासँ कबुला पूरा होबएकेँ जन विश्वास रहल अइछ । स्थानीय आ प्रदेश सरकार सड़क सुगम–बनेबामे, धर्मशाला आओर पार्क निर्माण सङे मन्दिर परिसरक सौन्दर्यीकरणमे काज क रहल अइछ ।

स्थानीय, प्रदेश तथा नेपाल सरकार आओर ई क्षेत्रमे क्रियाशील सरोकारबला संघसंस्था लहानक पर्यटकीय नगरी ‘सलहेश सर्किट’क व्यवस्थापनक लेल एकीकृत गुरुयोजना बना क काज क सकल तँ आन्तरिक एवम् बाह्य पर्यटककेँ आकर्षित क व्यापारिक तथा धार्मिक दृष्टिसँ समुचित लाभ लेल जा सकैत अइछ, ताहि लेल ई क्षेत्रमे उचित धीयान देबक चाही से मानवअधिकारकर्मी राज कुमार राउतकेँ कहब अइछ ।

“एकटा नगरपालिका भीतर एतेक बेसी ऐतिहासिक आ पुरातात्विक स्थल होएब लहानक धार्मिक पर्यटन सम्भावनाकेँ प्रमाण अइछ”, राउत कहलैन, “जँ लहान नगरपालिका ई सम्पदासभक संरक्षण आओर समुचित विकास क सकल, तँ ई नगरपालिका निकट भविष्यमे देशके एक समृद्ध धार्मिक–पर्यटकीय गन्तव्य बनत ।”
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