काठमाण्डू, २५ साओनः प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली तराईमे सिँचाइके स्थायी समाधान खोजै लेल सरकार दृढ रहल बताैलैन। मधेश प्रदेशक आठ जिलामे ७६ दशमलव ५४ प्रतिशत रोपनी भेल खुशी व्यक्त करैत ओ सामाजिक सञ्जालमार्फत जानकारी दैत तराईमे सिँचाइके स्थायी समाधान खोजल जेबाक बतौलैन अइछ ।
तराईमे अगिला सालसँ वर्षापर निर्भरता हटा क सिँचाइमे स्थायी समाधान अनबाक सरकारके सङ्कल्प रहल बताैलैन ।
वर्षासङे सुक्खा सङ्कटग्रस्त मधेश प्रदेशमे रोपनी सुरू भेलासँ प्रशन्न भेल प्रधानमान्त्री ओली महिलासभ रोपनी क रहल तस्बिरसहित देश आ जनताकेँ अभिवादन करैत “अइ सालके रौदीसँ अन्नके भण्डार कहल जाएबला अपन तराईके खेतमे चिरा छलै, रोपनीके अवस्थे नै रहए, एखन अएलै । किसानके दुख, पसिना आ सपना माइटमे सुखा रहल छलै, हम किछ समय पहिने तराई गेल रही आ सरकार सुक्खाग्रस्त क्षेत्र घोषणा करैत राहत आ सहयोगके विशेष निर्णय कएने छल”, कहलैन अइछ ।
“तत्कालक’ लेल ५०० टा डिपबोरिङ जड़ानके काज सुरू कएल गेल छलै आ दीर्घकालीन समाधानक लेल सुनकोशी–मरिन डाइभर्सनके काज आगू बढ़ल अइछ । पछिला सप्ताह हमरासभकेँ प्रकृति सङ देलक। वर्षा भेलासँ एकबेर फेरसँ हरियरी आइब रहल छै ।
इएह साओन २३ गतेधैर मधेश प्रदेशक आठ जिलामे ७६ दशमलव ५४ प्रतिशत क्षेत्रफलमे धान रोपनी भ चुकल आ किछ दिनेमे सब खेतबारीमे हरियर सपना लहराए लागत से आश छै”, प्रधानमन्त्री कहलैन अइछ । रासस





