काठमाण्डू, ३१ साउन । माननीय उपराष्ट्रपति रामसहाय प्रसाद यादव सम्पूर्ण नेपाली जनताकेँ सत्य, शान्ति, न्याय, प्रेम आ समृद्धिक मार्गमे आगू बढ़बाक आह्वान कएलक अइछ ।
शइन दिन ठमेल स्थित ब्रह्माकुमारी राजयोग सेवा केन्द्रद्वारा आयोजित ‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तथा चैतन्य झाँकी अनावरण एवं प्रवचन’ कार्यक्रममे सम्बोधन करैत उपराष्ट्रपति यादव ई आग्रह कएने छइथ । ओ कहलैन जे श्रीकृष्णक जीवन मात्र धार्मिक आस्थाक विषय नइँ, बल्कि गहिर आध्यात्मिक ज्ञानक स्रोत सेहो अइछ । श्रीकृष्णक बाल्यकाल सँ ल’ क’ युवावस्थाधइरके घटनासभ सेवा, नेतृत्व, समता आ निष्काम कर्मक सन्देश दैत अइछ । “अर्जुनक सारथी बइनकए श्रीकृष्ण सेवा भावक उच्चतम उदाहरण प्रस्तुत कएलैन, जे देखबैत अइछ जे नेतृत्व शक्ति मात्र नइँ, सेवा सेहो होइत अइछ,” ओ कहलैन ।
श्रीकृष्णक जीवनकथा संगीत, नृत्य, चित्रकला आ साहित्यमे प्रेरणाक स्रोत रहल अइछ, से उल्लेख करैत उपराष्ट्रपति कृष्णक बाँसुरीक धुनकेँ प्रेम, सौन्दर्य आ आध्यात्मिक आनन्दक प्रतीकक रूपमे व्याख्या कएलैन । ओ कहलैन जे श्रीकृष्ण सत्य, प्रेम, करुणा आ दायित्वबोधक प्रतिमूर्ति छइथ आ हुनक जीवनमे एहन नैतिक मूल्य अइछ जे व्यवहारमे उतारल जाय ।
“श्रीकृष्णक कर्मयोगक दर्शन व्यक्ति आ समाजकेँ कर्मशील, उत्तरदायी आ विवेकी बनेबाक सूत्र दैत अइछ,” ओ कहलैन । “ई सूत्र आत्मसात केलासँ समाजमे सद्भाव, सांस्कृतिक समृद्धि, नैतिक पुनर्जागरण आ जीवनक सार्थकता प्राप्त कएल जा सकैत अइछ ।” उपराष्ट्रपति यादव ब्रह्माकुमारी संस्थाक स्थापना सँ आइतक नेपाली समाजमे शान्ति, सद्भाव आ आध्यात्मिक चेतना फैलाबैमे योगदानक प्रशंसा करैत धन्यवाद सेहो ज्ञापन कएलैन ।





