सामाजिक सञ्जाल विधेयक, २०८१ के प्रस्ताव स्वीकृत


काठमाण्डू, ४ भादबः राष्ट्रिय सभासँ ‘सामाजिक सञ्जाल विधेयक, २०८१ पर विचार कएल जाए’ से प्रस्ताव सर्वसम्मतिसँ स्वीकृत भेल अइछ ।

सभाक आजुक बैसारमे सञ्चार तथा सूचना प्रविधिमन्त्री पृथ्वी सुब्बा गुरुङ ‘सामाजिक सञ्जाल विधेयक, २०८१ पर विचार कएल जाए’ से प्रस्ताव प्रस्तुत कएने छल । प्रस्तावपर सदस्यसभद्वारा उठाएल गेल सवालक जवाब दैत ओ कहलैन जे विधेयकमे दू अर्थ लागैबला शब्द आ वाक्यक प्रयोग नै कएल गेल छै, यदि एहन किछु भेटल तँ ओकरा संशोधन कएल जेबाक प्रतिबद्धता जनौलैन ।

मन्त्री गुरुङ कहलैन जे संसारभैर साइबर अपराध एकटा चुनौतीक रूपमे देखल गेल छै, ताहि लेल एकर समाधान हेबाक चाही । अनलाइन सञ्चारमाध्यम बेसी भेलाक कारण ओकरा नियमन करबाक लेल मिडिया काउन्सिल विधेयक अइछ, ई कहैत ओ धार्मिक सद्भाव कायम राखबाक लेल एहन विधेयकसभद्वारा नियमन हेबाक चाही।

मन्त्री गुरुङ कहलैन जे ई एकटा नव किसिमक विधेयक भेलाक कारण एकरा कोना व्यवस्थित कएल जाए, अइ विषयमे निष्कर्षपर पहुँच क आगा बढ़ेबाक चाही ।

राष्ट्रियसभा सदस्यसभ सामाजिक सञ्जालकेँ नियन्त्रण नै, बल्कि नियमन कएल जेबाक चाही, अइपर जोड़ देलैन । सदस्य अञ्जान शाक्य विभिन्न देशमे सामाजिक सञ्जालकेँ नियमनक लेल कएल गेल व्यवस्थाक बारेमे जानकारी करबैत नेपालमे सेहो बढ़ैत विकृति रोकबामे ई विधेयक सहयोग करबाकविश्वास व्यक्त केलैन । विधेयक नियन्त्रणमुखी नै, बल्कि नियमनमुखी हेबाक चाही ओ कहलैन ।

सदस्य कृष्णप्रसाद अधिकारी कहलैन जे ई विधेयक प्रयोगकर्ताक अधिकार सुरक्षित करबाक बदला राज्यकेँ नियन्त्रणमुखी बनेबाक प्रयास कएने छै आ द्विअर्थी भाषाक प्रयोग भेल छै, ताहि लेल एकरा परिमार्जन कएल जेबाक चाही ।

सदस्यसभ सुमित्रा विसी, विष्णुबहादुर विश्वकर्मा सहित सामाजिक सञ्जालकेँ नियन्त्रण नै, बल्कि नियमन कएल जेबाक चाही ताहिपर जोड़ देलैन ।

सभाअध्यक्ष नारायण दाहाल जानकारी करौलैन जे विधेयकपर संशोधन प्रस्ताव राखए लेल इच्छुक सदस्य विधेयक शाखामार्फत दर्ता करा सकैत छैथ ।
राष्ट्रियसभाक अगला बैसार भादब ६ गते शुक्रदिन १२:१५ बजे होएत । रासस

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