काठमाण्डू, १९ भादबः राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल आलोचनात्मक चेतसँ लोकतन्त्रकेँ सबल आ समुन्नत बनेबाक बतौलैन अइछ ।
रविन्द्र शाह स्मृति प्रतिष्ठानद्वारा राजेश्वर नेपालीके ८३ म् जन्मजयन्तीके अवसरमे आइ अइठाम आयोजित ‘राजेश्वर नेपाली अभिनन्दन ग्रन्थ लोकार्पण’ समारोहकेँ सम्बोधन करैत राष्ट्रपति पौडेल लोकतन्त्रकेँ आधुनिक समयके शासन प्रणालीक उच्चतम रुप मात्रे नै भ लोकतन्त्रके आदर्श, मूल्यमान्यताकेँ हमरासभक आचरण तथा जीवनशैलीके रुपमे आत्मसाथ करैत देश बनेबाक अवसरमे रुपान्तरण करबाक बतौलैन ।
नागरिकमे सपना, आशा आ भरोसा जागृत करैत दीर्घकालीन शान्ति, सुशासन, विकास आ समृद्धिके आकांक्षा पूरा करबाक लेल लोकतान्त्रिक मूल्य आ मान्यतामे आधारित समाजवादप्रति प्रतिवद्ध राष्ट्र निर्माणक युगिन अभिभाराकेँ पूरा करए सबके अपन तरिकासँ क्रियाशील होबाक लेल राष्ट्रपति पौडेल आग्रह केलैन ।
लोकतन्त्र आ पत्रकारिता एक दोसरके पर्याय भेल उल्लेख करैत राष्ट्रपति पौडेल व्यावसायिक पत्रकारितासँ लोकतन्त्रकेँ मजबुत बनेबाक आ लोकतान्त्रिक व्यवस्थामे मात्रे पत्रकारिता जगत अपन व्यावसायिक धर्म निर्वाध रुपसँ निर्वाह करत से उल्लेख केलैन ।
ओ कहलैन, “लोकतन्त्र आ पत्रकारिताके अन्योन्याश्रित सम्बन्धके इएह विशेषता छै । लोकतन्त्र तथा पत्रकारिताकेँ मजबुत बनबैत देशक आर्थिक विकास, सामाजिक रुपान्तरण आ आम नागरिकके दैनिकी सहज बनेबाक लेल राजनीति आ पत्रकारिता क्षेत्रके समर्पित होबाक चाही ।”
राजेश्वर नेपालीकेँ हम एकटा कट्टर लोकतन्त्र आ राष्ट्रवादी व्यक्तिके रुपमे जनैत छी से ओ उल्लेख केलैन । नेपाली निर्भिक पत्रकार, सादा जीवन आ उच्च विचारक परिवर्तनप्रेमी प्रेरक व्यक्ति भेल रराष्ट्रपति पौडेलके कहब छलैन । राजेश्वर नेपाली निरङ्कुशतासँ जनताक उन्मुक्तिके लेल बिना कोनो स्वार्थके एकटा कवि आ कलमजीवीके रुपमे भाषा, साहित्य आ संस्कृति मात्र नै भ, मिसन पत्रकारितासँ लोकतान्त्रिक मूल्य मान्यता एवम् आदर्शके लेल प्रेस आ प्रजातन्त्र सेनानीके रुपमे अपनाकेँ पहिचान करेबाक लेल कतौ नै चुकल राष्ट्रपति पौडेल बतौलैन । रासस





