‘डेडिकेटेड’ आ ‘ट्रङ्कलाइन’ महसुल नै बुझेनिहार १८ कम्पनीक बिजली काटल गेल


काठमाण्डू, ८ कातिक : नेपाल विद्युत् प्राधिकरण ‘डेडिकेटेड’ आ ट्रङ्कलाइन प्रयोग क ओकर महसुल नै देनिहार आओर १८ टा उद्योगक विद्युत् लाइन काइट देलक अइछ । अइसँ पहिने प्राधिकरण छटा उद्योगक लाइन कटने छल, शुक्रदिन राइतसँ आओर १८ टा उद्योगक बिजुली काटल गेल अइछ ।

नेपाल विद्युत् प्राधिकरणक प्रवक्ता राजन ढकालक अनुसार, काल्हि पञ्चकन्या स्टिल, श्याम प्लास्टिक, गोयन्क’ फुड्स, कसमस सिमेन्ट, एसआर स्टिल, पञ्चकन्या प्लास्टिक, भलवारी स्वचालित कारखाना, जगदम्बा सेन्थेटिक, एभरेष्ट रोलिङ इन्ड्रस्टिज, घराना फुड्स, विशाल सिमेन्ट, बुटवल सिमेन्ट, निगा सिमेन्ट, एसआर फुड्स, सिद्धार्थ पेट प्लान्ट, हिमाल आइरन, त्रिवेणी सिन्थेटिक यार्न आ सोना मिनरल्स एन्ड आयल्सक बिजुली काटल गेल अइछ ।

अइसँ पहिने जगदम्बा स्टिल, रिलायन्स स्पिनिङ मिल्स, शिवम् सिमेन्ट, घोराही सिमेन्ट, अर्घाखाँची सिमेन्ट आ त्रिवेणी स्पिनिङ मिल्सक विद्युत् आपूर्ति कटौती कएल गेल छल ।

कूल आठ अरब टकासँ बेसी बकाया रहल उद्योगसभमेसँ किछु किस्तामे देबए लागल आ किछु कानूनी प्रक्रियामे गेल अइछ, प्रवक्ता ढकाल बतौलैन । “डेडिकेटेड फिडर आ ट्रङ्कलाइन प्रयोग क  महसुल दए लेल बाँकी १४ उद्योग किस्तामे भुक्तानी करए लागल अइछ, जखन कि छटा उद्योग अदालतसँ अन्तरिम आदेश लेने अइछ । हेटौडा सिमेन्ट आ उदयपुर सिमेन्टक सेहो बकाया अइछ”, ओ रासससँ कहलैन ।

डेडिकेटेड आ ट्रङ्कलाइनक महसुल उठेबाक विषय २०७५ सालसँ अखनधैर नै सुल्झल अइछ । प्राधिकरणक तत्कालीन सञ्चालक भक्तबहादुर पुनक संयोजकत्वमे पहिल बेर डेडिकेटेड आ ट्रङ्कलाइनक महसुल बकायाक बारेमे अध्ययन भेल छल । तकर बाद प्राधिकरण बकाया उठेबाक प्रयास करैत आएल अइछ । उद्योगी–व्यवसायीसभक कहब अइछ जे ओसभ डेडिकेटेड आ ट्रङ्कलाइन प्रयोगे नै कएने छी, ताहि लेल ओकर महसुल नै देबा अडानपर अइछ । ई विषय अदालत, सङ्घीय संसदक सार्वजनिक लेखा समिति तथा अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोगधैर पहुँच चुकल अइछ ।

प्राधिकरण बितल आसिन १२ गते उद्योगसभकेँ २१ दिनक भीतर बकाया बुझेबाक लेल सार्वजनिक सूचना जारी कएने छल । किस्ताबन्दीमे बकाया तिरबाक सुविधा देल गेल प्राधिकरण, ओइ अवधिधैर बकाया देबए नै आएलापर विद्युत् महसुल सङ्कलन नियमावली, २०७८ अनुसार लाइन काटल गेल जनौने अइछ । रासस

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