धनुषा, ७ अगहनः विवाहपञ्चमी महोत्सवअन्तर्गत तेसर दिन धनुष यज्ञ सम्पन्न भेल अइछ । जनकपुरधामक जानकी मन्दिरमे आयोजित सप्ताहव्यापी विवाहपञ्चमी महोत्सवक तेसर दिन (शैनदिन) भगवान् रामके स्वरुपमे भेल किशोरद्वारा धनुष तोइड़ क धनुष यज्ञ कएल गेल ।
त्रेता युगमे मिथिला नरेश राजर्षि जनक अपन पुत्री जानकीके विवाहक लेल धनुष यज्ञ आयाेजन कएने स्मरणमे अइ ठाम प्रत्येक साल धनुष यज्ञ महोत्सव मनाएल जाइत अइछ । त्रेता युगमे राजा जनक अपन पुत्री सीतासँ विवाह करबाक इच्छा भेल व्यक्तिके शिवके धनुषमे प्रत्यन्चा चढ़ाबए पड़त से प्रण लेने छलैन ।
धनुषमे प्रत्यन्चा चढ़ेबाक लेल आयोजित सभामे सहभागीमध्ये कियो प्रत्यन्चा नै चढ़ौलाक बाद भगवान् रामक प्रयाससँ धनुष तीन टुक्रामे टुटल इतिहास अइछ । ओइके बाद मात्रे सीता आ राम बीच विवाह भेल वाल्मीकि रामायणमे उल्लेख अइछ ।
विवाहपञ्चमी महोत्सवक लेल जानकी मन्दिरकेँ कनियाजँका सजाएल गेल अइछ ।
सप्ताहव्यापी श्रीसीताराम विवाहपञ्चमी महामहोत्सवअन्तर्गत शैनदिन धनुष यज्ञ, रैबदिन तिलकोत्सव, सोमदिन मटकोर, मङ्गलदिन स्वयंवर तथा शुभ विवाहोत्सव आ अहगन १० गते बुधदिन अन्तिम दिन रामकलेवा करैत महोत्सव समापन कएल जाएत ।(रासस)





