सरकारी कामकाजमे मातृभाषा कार्यान्वयन चुनौतीपूर्ण


पाटन (ललितपुर), ३० पुसः सरकारी कामकाजमे मातृभाषा कार्यान्वयन अखनो चुनौतीपूर्ण रहल सरोकारवालासभक कहब अइछ ।

नेपाल आदिवासी जनजाति पत्रकार महासङ्घ (फोनिज) क उपत्यका प्रदेश समिति ‘समृद्धिक आधारः पूर्ण समावेशी सञ्चार’ नारासँ आइ ‘फोनिज संवाद’ आयोजन कएल गेल छल । ओइ संवादमे बागमती प्रदेश सरकार कामकाजी भाषाक रूपमे प्रयोगमे आइन रहल नेपाल भाषा आ तामाङ भाषाक कार्यान्वयन, समस्या आ चुनौतीक सन्दर्भमे बातचित कएल गेल छल । बातचितमे आदिवासी जनजाति आयोगक अध्यक्ष रामबहादुर थापामगर मातृभाषा संरक्षण आ प्रवर्धनक लेल विनियोजित बजेट अपुग रहलासँ आओर व्यवस्था करबाक जरुरी रहल बतौलैन ।

बागमती पप्रदेशक संस्कृति तथा पर्यटन मन्त्रालयक उपसचिव पवन कुमार पोखरेल अस्थिर सरकार भेलापर ऐन, नियम बनाबय आ बजेट तथा नीति कार्यक्रम कार्यान्वयन करएमे समस्या भेल बतौलैन । ओ भाषागत प्रशिक्षण, साहित्यक विकासक लेल बजेट छुट्याएल गेलोपर सरोकारवालासभ बजेटके माँग नै कएलासँ खर्च नै भ सकल बतौलैन । भाषा आयोगक कायममुकायम सचिव डाक्टर लोकबहादुर लोप्चन बागमती प्रदेश नेवारी आ तामाङ भाषाक भाषा प्रशिक्षक आ अनुवादक राइख क सरकारी काजक लेल सहजीकरण कएल गेल जानकारी देलैनफोनिजक केन्द्रीय अध्यक्ष लक्की चौधरी भाषिक लवज आ मातृभाषाकेँ जोगा क राखय लेल ओइ भाषा बाजैबला लोकके सङ्ख्या वृद्धि होएबाक चाही कहलैन ।

फोनफोनिजके उपत्यका प्रदेश समितिक अध्यक्ष प्रशान्त माली सरकार कमजोर वर्ग आ राज्यक नीतिगत तहमे पहुँच नै भेनिहारके पहुँच अभिवृद्धि करैत राज्यक मूल प्रवाहमे आनय लेल उचित नीतिगत व्यवस्थाक सङे बजेट व्यवस्थापन करबाक चाही बतौलैन । (रासस)

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