नेपालमे निपाह भाइरसके जोखिम कम भेलाक बादो सतर्क रहबाक लेल स्वास्थ्य मन्त्रालयके आग्रह


काठमाण्डू, २० माघः भारतमे देखल गेल निपाह भाइरसक सङ्क्रमणके जोखिम नेपालमे कम भेलाक बादो सतर्क रहबाक लेल स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या मन्त्रालय आग्रह केलक अइछ ।

सोमदिन विज्ञप्ति जारी करैत मन्त्रालयअन्तर्गतके इपिडिमियोलोजी तथा रोग नियन्त्रण महाशाखा मित्र राष्ट्र भारतमे निपाह भाइरसक सङ्क्रमण पुष्टि भेल घटनाकेँ मध्यनजर करैत पूर्वतैयारी स्वरूप देशभैरके स्वास्थ्य संस्था तथा निकायसभकेँ सतर्क कराएल गेल आ निपाह भाइरसके परीक्षण एल्गोरिदम (अन्तरिम) तैयार कएल गेल जनौलक अइछ ।

विश्व स्वास्थ्य सङ्गठनद्वारा विश्वव्यापी तथा दक्षिण–पूर्वी एसिया क्षेत्रीयस्तरमे निपाह भाइरसक जनस्वास्थ्य जोखिम कम रहल मूल्याङ्कन भेलाक बादो मन्त्रालय सतर्क रहबाक लेल आग्रह कएने अइछ । मन्त्रालयके प्रवक्ता एवं स्वास्थ्य आपत्कालीन तथा विपद् व्यवस्थापन एकाइ प्रमुख डा.प्रकाश बुढाथोकी स्वास्थ्य मन्त्रालय नागरिकके स्वास्थ्य सुरक्षाक लेल पूर्ण रूपमे प्रतिबद्ध रहल आ आवश्यक सब काज क रहल जानकारी देलैन ।

प्रवक्ता बुढाथोकी कहलैन, “फलफूल नीकसँ सफा क मात्रे खेबाक चाही । तरकारी नीकसँ पका क खेबाक चाही, सफा आ सुरक्षित पाइन खाैला क मात्रे पिएबाक आवश्यक छै । जानवर राखैबला स्थानके सफा राखबाक चाही, मांस काटैतकाल पन्जा आ मास्क प्रयोग करब, समय–समयमे साबुन पाइनसँ हात धाेबाक तथा मास्क प्रयाेग करबाक जेहन जनस्वास्थ्य मापदण्डसभ पालन करू ।”

कोनो शंकास्पद लक्षण भेलापर लगके स्वास्थ्य संस्था या १११५ मे तत्काल सम्पर्क करबाक लेल प्रवक्ता डा.बुढाथोकी आग्रह केलैन । चिकित्सकके अनुसार निपाह भाइरस सङ्क्रमित चमगुदरीके लेर, पिसाब या मलमूत्रसँ दूषित भेल फलफूल सेवन कएलासँ सङ्क्रमण भ सकैत अइछ । तहिना, सङ्क्रमित व्यक्तिके खुन, थुक, पिसाब या सम्पर्कसँ तथा चमगुदरीसँ सुअरके माध्यमसँ सेहो लोगकमे सङ्क्रमण भ सकबाक डा. बुढाथोकी बतौलैन ।

बुखार लागब, माथा दुखाएब, मांसपेशी दुखाएब, खोकी लागब, सास लेबएमे दिक्कत हएब, चक्कर लागब, उल्छी हएत जेहन शंकास्पद लक्षण भेलापर बेमारीके जल्दी पहिचान, ‘आइसोलेसन’, रिपोर्टिङ तथा सङ्क्रमण रोकथाम तथा नियन्त्रण मापदण्ड कड़ाइसँ पालन करबाक लेल मन्त्रालय सबसँ अनुरोध केलक अइछ ।रासस
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