काठमाण्डू, २२ माघः निर्वाचन आयोग आमनिर्वाचनके क्रममे होएबला राजनीतिक दल तथा उम्मेदवारक प्रचार–प्रसार खर्चकेँ पूर्ण रूपमे बैंकिङ प्रणालीमे आबद्ध करबाक उद्देश्यसहित ‘निर्वाचन प्रचार–प्रसार बैंक खाता संचालन तथा व्यवस्थापन कार्यविधि, २०८२’ जारी केलक अइछ ।
आयोगक इएह माघ २० गते भेल बैसारसँ उक्त कार्यविधि स्वीकृत कएल गेल छल । निर्वाचन आयोग ऐन, २०७३ के दफा २४ आ दफा ५०, निर्वाचन आचारसंहिता, २०८२ के दफा १६, आयोगके माघ ८ के निर्णय तथा नेपाल राष्ट्र बैंक माघ १२ मे जारी कएने निर्देशनक आधारमे ई कार्यविधि आनल गेल आयोग प्रेस विज्ञप्तिमार्फत जनौलक अइछ ।
राष्ट्र बैंकके बैंक तथा वित्तीय संस्था नियमन विभाग बैंकिङ कारोबार करबाक लेल इजाजत प्राप्त ‘क’, ‘ख’ आ ‘ग’ वर्गके बैंक तथा वित्तीय संस्थासभकेँ लेल जारी कएने निर्देशनअनुसार निर्वाचनसम्बन्धी आर्थिक कारोबारकेँ पारदर्शी आ अनुशासित बनेबाक लक्ष्य राखल गेल अइछ ।
आयोग अनुसार प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन, २०८२ मे भाग लेबाक लेल आयोगमे दर्ता भ समानुपातिक आ प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणालीके लेल उम्मेदवारी देने सब राजनीतिक दल, ओइ दलसँ प्रतिनिधित्व करैबला उम्मेदवार तथा स्वतन्त्र उम्मेदवारसभके प्रचार–प्रसारक लेल प्राप्त करैबला आर्थिक सहयोग, चन्दा तथा सम्पूर्ण खर्च इएह विशेष बैंक खातामार्फत करए पड़त । नगद कारोबारकेँ निरुत्साहित करैत सब आम्दानी–खर्चके स्पष्ट अभिलेख राखबाक लेल ई व्यवस्था कएल गेल आयोग जनौलक अइछ ।
कार्यविधिअनुसार राजनीतिक दलसभके निर्वाचन प्रचार–प्रसारके लेल बैंक खाता खोलबाक हेतु निर्वाचन आयोगक सचिवालयसँ सिफारिस लेबए पड़त, तँ उम्मेदवारसभके हकमे सम्बन्धित जिलाके निर्वाचन कार्यालयसँ सिफारिस कएल जाएत । सिफारिसक आधारमे मात्रे निर्धारित बैंक तथा वित्तीय संस्थामे खाता खोइल सकैत छी । खाता संचालन, कारोबारके सीमा, विवरण पेस करबाक प्रक्रिया तथा अनुगमनसम्बन्धी प्रावधानसभ सेहो कार्यविधिमे समेटल गेल अइछ ।
निर्वाचन आयोग मातहतके सब निर्वाचन कार्यालय, बैंक तथा वित्तीय संस्थासभकेँ कार्यविधिअनुसार आवश्यक काज कारबाही करबाक लेल निर्देशन देलक अइछ । तहिना, राजनीतिक दल, दलके उम्मेदवार आ स्वतन्त्र उम्मेदवारसभकेँ सेहो अइ व्यवस्थाकेँ प्रभावकारी रूपमे कार्यावंयन करबाक लेल सक्रिय सहयोग, समवंय आ सहजीकरण करबाक लेल आग्रह कएल गेल अइछ । निर्वाचन प्रचार–प्रसार खर्चकेँ आधुनिक बैंकिङ प्रणालीसँ जोइड़ क सुसंस्कृत व्यवहारक सुरुआत भेल उल्लेख करैत आयोग अइसँ निर्वाचन प्रक्रियाप्रति जनविश्वास बढ़त से दाबी केलक अइछ ।
आयोगक अइ काजकेँ निर्वाचन खर्च व्यवस्थापनमे सुधारदिसक महत्त्वपूर्ण पहलके रूपमे लेल गेल अइछ । विगतके निर्वाचनमे प्रचार–प्रसार खर्चके यथार्थ विवरण नै हाेबाक, नगद कारोबार बेसी हएब आ खर्चके सीमा उल्लङ्घनसम्बन्धी रोष बढ़ल सन्दर्भमे नयाँ कार्यविधिसँ पारदर्शिता आ उत्तरदायित्व बढ़ेबाक अपेक्षा कएल गेल अइछ । बैंकिङ प्रणालीमार्फत हाेएबला कारोबारसँ स्रोतक पहिचान, खर्चके ‘ट्र्याकिङ’ आ बादमे होएबला लेखापरीक्षणकेँ सहज बनेबाक आयोगक विश्वास अइछ ।रासस





