काठमाण्डू, १४ फागुनः नेपाल आ भारत सरकार बीच जैविक विविधता संरक्षणसम्बन्धी दू पक्षीय समझदारीपत्रमे हस्ताक्षर भेल अइछ ।
नेपालक वन तथा वातावरणमन्त्री माधव प्रसाद चौलागाईँ तथा भारतक वातावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तनमन्त्री भुपेन्द्र यादवक समुपस्थितिमे समझदारी पत्रमे बुधदिन नयाँदिल्लीमे हस्ताक्षर कएल गेल । समझदारीपत्रमे नेपालक दिससँ भारतक लेल नेपाली राजदुत डा. शंकर प्रसाद शर्मा आ भारतक दिससँ वातावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मन्त्रालयके सचिव तन्मय कुमार हस्ताक्षर केलैन । ओइ अवसरमे नेपाल आ भारत सरकारक उच्च पदस्थ अधिकारीके उपस्थिति रहल वन मन्त्रालयके प्रवक्ता डा. महेश्वर ढकाल राससकेँ जानकारी देलैन ।
नेपाल आ भारत संयुक्त राष्ट्र सङ्घअन्तर्गत जैविक विविधतालगायत विभिन्न वातावरण संरक्षणसम्बन्धी अन्तर्राष्ट्रिय महासन्धिके पक्षराष्ट्र अइछ । दूनु राष्ट्रके सीमा जुटल क्षेत्रमे संरक्षित क्षेत्र आ जैविक मार्ग भेल तथा ओइ क्षेत्रमे हात्ती, चितुवा, बाघलगायत अन्य वन्यजन्तु स्वतन्त्र आ निर्वाध रूपमे सीमा वारपार करैत आएल अइछ ।
तइ, दूनु देश संरक्षित क्षेत्र, जैविक विविधता आ वन्यजन्तुके अपराध नियन्त्रणक क्षेत्रमे एक आपसमे समवंय आ सहकार्य करए, जैविक विविधतासम्बन्धी सझिया रणनीति अवलम्बन करए, ‘फिल्ड’मे कार्यरत कर्मचारीके क्षमता विकास करबाक लेल ई समझदारीपत्र भूमिका निर्वाह करत से अपेक्षा कएल गेल अइछ ।
तहिना, सीमा आरपार क्षेत्रमे होएबला वन्यजन्तुके चोरी शिकारी तथा अवैध व्यापार नियन्त्रण आ नियमन करए, वन्यजन्तुके बारेमे अध्ययन अनुसन्धान तथा अनुगमन करए तथा स्थानीयस्तरमे जनचेतना आ क्षमता विकास करबाक लेल समझदारी पत्र सहयोग करबाक वनमन्त्री चौलागाईं बतौलैन ।
समझदारीपत्रके कार्यावंयन दूनु देशक सीमा लगपासक क्षेत्रमे नियमित गस्ती तथा बैसारक आयोजन क अनुभव तथा ज्ञान आदानप्रदान करए, असल अभ्यासके विकास आ विस्तार करए तथा वन्यजन्तु आ अवैध व्यापार सम्बन्धमे तत्काल सूचना आदानप्रदान क दूनु देशक जैविक विविधता संरक्षणमे सहयोग होबाक अपेक्षा कएल गेल अइछ ।
वन्यजन्तुके अन्तर्राष्ट्रिय अपराध नियन्त्रण आ नियमन करबाक लेल दूनु देश वन्यजन्तु अपराधसम्बन्धी सूचना दक्षिण एसिया वन्यजन्तु कानुन कार्यावंयन सञ्जाल (सावेन)केँ आदानप्रदान क सकत से व्यवस्था समझदारीपत्रमे उल्लेख अइछ ।
नेपालक दिससँ उक्त समझदारीकेँ कार्यावंयन करबाक लेल केन्द्रमे मन्त्रालय तथा मातहतके वन तथा भू–संरक्षण विभाग आ राष्ट्रिय निकुञ्ज तथा वन्यजन्तु संरक्षण विभाग आ स्थानीयस्तरमे सम्बन्धित प्रदेशक वन तथा वातावरण मन्त्रालय, संरक्षित क्षेत्र आ डिभिजनल वन कार्यालय समवंय आ सहकार्य करत ।
समझदारी पत्र कार्यावंयनक क्रममे कोनो समस्या उत्पन्न भेलापर आपसी समझदारीमे समाधान करबाक समझदारी पत्रमे उल्लेख अइछ । रासस





