महोत्तरी, १७ फागुनः मिथिला माध्यमिकी परिक्रमाक यात्री दोहोरा क भारत पहुँचल अइछ । १५ दिनक अइ परिक्रमामे दोसर आ तेसर दिन भारतक मधुवनी जिलाके कल्याणेश्वर (कलना) आ गिरिजास्थान (फुलहर)मे बितौने यात्री फेरसँ १३म दिन शैनदिन भारत पहुँचल अइछ ।
यात्राके उत्तरार्द्धदिस १३म दिन मधुवनीके करुणामे शैनदिन रात्रि विश्राम कएने यात्री आइ १४म दिन मधुवनीके बिसौल पहुँचत । बिसौलमे आइ परिक्रमाक यात्री रात्रि विश्राम कएलाक बाद १५म अर्थात काइल सोमदिन जनकपुरधाम पहुँचत । महोत्तरी, धनुषा आ मधुवनी जिलाक तीर्थस्थलसभक परिक्रमा कएल जाएबला ई यात्रा नेपाल–भारत सांस्कृतिक सम्बन्धक अनुपम उदाहरणके रुपमे अइछ ।
नेपाली आ भारतीय दू अलग देशक नागरिक भेलाक बादो दुःखसुख एकआपसमे साटैत आएल अइछ । नेपाल–भारत बीच सांस्कृतिक आदानप्रदान करबाक परम्परा सदियोंसँ चलैत आएल अइछ ।
साओन शुक्लपक्षमे मनाएल जाएबला झुला पाबैन, कात्तिक शुक्लपक्षमे मनाएल जाएबला छैठ, अगहन शुक्लपक्षके पञ्चमी तिथिमे मनाएल जाएबला रामजानकी विवाह महोत्सव, फागुन शुक्लपक्षके मिथिला माध्यमिकी परिक्रमा आ होरी पाबैन मुख्य अइछ । अइ धार्मिक तथा सांस्कृतिक उत्सवमे नेपाल आ भारतक साधुसन्तसँ घरगृहस्थीमे भेल सर्वसाधारणधैर सहभागी होइत आएल महोत्तरीके मटिहानी नगरपालिकाक प्रमुख हरिप्रसाद मण्डल बतौलैन ।
प्राचीन मिथिला (विदेह) राज्यके राजधानी जनकपुरधामकेँ केन्द्रमे राइख १ सओ ३३ किलोमिटरके घेरामे १५ दिन कएल जाएबला मध्यमा परिक्रमामे मधुवनी जिलामे चाइर दिन रात्रि विश्राम करबाक परम्परा अइछ । अइ यात्रामे सहभागी होएबला नेपाली आ भारतीयके संख्या समान रहैत अइछ ।
फागुन अमावश्यसँ सुरु भ शुक्लपक्षभैर १५ दिनक अइ यात्रामे १५ रात्रि विश्रामक परम्परा अइछ । जइमे नेपालदिस ११ आ भारतदिस मधुवनी जिलामे चाइर राइत विश्राम कएल जाइत अइछ । अइ यात्रामे दोसर, तेसर, १३म आ १४म दिनक रात्रि विश्राम भारतक मधुवनी जिलाके क्रमशः कल्याणेश्वर (कलना), फुलहर (गिरिजास्थान), करुणा आ बिसौलमे कएल जाइत अइछ । नेपालक ११ दिनमे छ दिन धनुषा आ पाँच दिन महोत्तरीमे विश्राम कएल जाइत अइछ ।रासस





