मिथिलामे आइसँ चैती छैठ सुरु


जलेश्वर , ८ चैतः महोत्तरीसहित नेपाल आ भारतक सम्पूर्ण मिथिलामे आइसँ विधिवत रुपमे चैती छैठ पाबैन सुरु भेल अइछ ।

चाइर दिनधैर विभिन्न विधिसँ मनाएल जाएबला चैती छैठ पाबैन आइसँ तराईके महोत्तरी, धनुषा, सिरहा, सप्तरी, सुनसरी, मोरङ, सर्लाही, रौतहट, बारा, पर्सालगायत सम्पूर्ण मिथिलामे धार्मिक विधिपूर्वक सुरु भेल अइछ । चैती छैठ महोत्तरीके जलेश्वर, मटिहानी, सुगा, गौशाला, पिपरा, सम्सी, बर्दिबासलगायत अन्य सहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रमे भेल विभिन्न पोखैर, तलाउ तथा अइ ठामक प्रसिद्ध नदी बिग्ही, रातो मरहा, जङ्गहा, अंकुसी नदी तथा नहरके कातमे धुमधामसँ मनाएल जाइत अइछ ।

पारिवारिक सुख, शान्ति, समृद्धि, शारीरिक कल्याण, रोगसँ मुक्ति तथा विभिन्न मनोकांक्षा पूरा होए तइ उद्देश्यसँ श्रद्धापूर्वक मनाएल जाएबला चैती छैठ पाबैनके अवसरमे पोखैर, नदी, तलाउ आ जलासयमे श्रद्धालु भक्तजनके भीड़ लागैत अइछ ।

चाइर दिनधैर मनाएल जाएबला चैती छैठक पहिल दिन आइ व्रतीसभ नहाए खाएके विधि करैत छैथ । पाबैनक दोसर दिन काइल सोमदिन खर्ना मनाएल जाएत । खर्नाके दिन व्रतीसभ दिनभैर निराहार उपवास क राइत छैठ देवताकेँ आगमनक लेल निमन्त्रण दैत कूलदेवताके पूजा कएल जाइत आ राइत अरवा अरबाईन खएबाक परम्परा अइछ ।

तहिना, षष्ठीके दिन अर्थात् (मङ्गलदिन) साँझ गहुम आ चाओरके जाँत वा ढिकीमे कुटान पिसानक आटासँ बनाएल गेल ठकुवा, भुसवा, खजुरिया, विभिन्न फलपूmल तथा नारियल, सुन्तला, केरा, सुप, डगरी, कनसुपति, सरवा, ढाकन, माइटक हात्तीके छिटीमे राइख परिवारक सम्पूर्ण सदस्य विभिन्न भक्ति एवं लोकगीत गाबैत छैठ घाटधैर पहुँचैत अइछ ।

सौँझका अरघके लेल व्रतीसभ पाइनमे ठार भ सूर्य अस्ताइतधैर सूर्यकेँ आरधना करैत दूनु हातमे पिठार आ सिन्दुर लगा क अक्षत फूल राइख क सूर्यकेँ अरघ देल जाइत अइछ । तहिना, बुधदिन भोर छैठ घाटमे जा क जलाशयमे उगैत सूर्यकेँ अरघ दैत चैती छैठ पाबैन सम्पन्न कएल जाएत ।

महाभारत अनुसार द्रोपदीसहित पाण्डवसभ अज्ञातबासमे भेल समय उक्त गुप्ताबास सफल होए कहि सूर्यदेवकेँ आरधना कएने छलैन । उक्त समयमे पाण्डवसभ मिथिलाक किराँत राजाके क्षेत्रमे बास कएने उल्लेख अइछ । लोक कथनबमोजिम ओएसँ समयसँ छैठ मनेबाक परम्पराके सुरुआत भेल मानल जाइत अइछ । सूर्य पुराणअनुसार सर्वसँ पहिने अनुसुइया छैठक उपवास कएने छलैन । अटल सौभाग्य आ परिप्रेम प्राप्त कएने आ ओएह समयसँ छैठ करबाक परम्पराके सुरुआत भेल तथ्य उल्लेख अइछ ।

धार्मिक आस्थाके सङे सामाजिक सद्भावके रूपमे विकसित छैठ हिन्दूसहित मुस्लिमसभ सेहो ई पाबैन मनाबैत अइछ । रासस

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