काठमाण्डू, २७ चैत : उपराष्ट्रपति राम सहायप्रसाद यादव स्वास्थ्य अनुसन्धानकेँ शैक्षिक अभ्यास मात्रे नै राष्ट्रिय दायित्वक रूपमे स्वीकार करबाक आवश्यकता रहल कहैत प्रमाणमे आधारित नीति निर्माणकेँ सुदृढ बनेबाक लेल सब पक्षसँ सहकार्य अपरिहार्य भेल बतौलैन अइछ।
नेपाल स्वास्थ्य अनुसन्धान परिषदद्वारा आइ एत आयोजित ‘नेपालमे स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या वैज्ञानिकसभके १२म राष्ट्रिय शिखर सम्मेलन’क उद्घाटन समारोहमे स्वास्थ्य अनुसन्धानसँ रोगक कारण, इलाजक विकल्प, जनसङ्ख्या–स्वास्थ्य प्रवृत्ति तथा सामाजिक–आर्थिक प्रभाव बारे दीर्घकालीन दृष्टिकोण प्रदान करबामे सहयोग पहुँचत ओ बतौलैन।
असंक्रामक रोगसभके बढ़ैत बोझ, जलवायु परिवर्तनक प्रतिकूल असर, भौगोलिक तथा सांस्कृतिक विविधतासँ उत्पन्न असमानता जेहन चुनौतीकेँ सामना करबाक लेल अनुसन्धानकेँ राष्ट्रिय प्राथमिकतामे रखबाक चाही ताहिपर उपराष्ट्रपति जोड़ देलैन । “परम्परागत इलाज पद्धति आ आधुनिक वैज्ञानिक अनुसन्धान बीच सहकार्यकेँ प्रोत्साहन करबाक आवश्यकता छै”, ओ कहलैन, “अनुसन्धानक नतिजा केवल शैक्षिक प्रकाशनमे सीमित नै राइख नीति, कार्यक्रम आ कार्यान्वयनमे प्रत्यक्ष प्रयोग क सकबाक चाही।” (रासस)





