रासस/एएनआई
पटना (बिहार), २ वैशाख: भारतक बिहार राज्यके मुख्यमन्त्रीमे सम्राट चौधरी चयन भेल छैथ । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता चौधरी आइ बिहारक मुख्यमन्त्रीके रूपमे शपथ ग्रहण केलैन अइछ । चौधरीके शपथ ग्रहण सङे लम्बा समयसँ राज्य राजनीतिमे प्रभाव जमौने नितिश कुमारक युग समाप्त भेल अइछ ।
बिहारक राज्यपाल सैयद अता हसनैन चौधरीके मुख्यमन्त्री पदके शपथ करौलैन ।
राज्यसभामे जेबाक निर्णय कएलाक बाद नितिश कुमार मुख्यमन्त्री पदसँ राजीनामा देने छलैन । हुनक राजीनामाके बाद चौधरी बिहारक पहिल भाजपा मुख्यमन्त्री बनल छैथ । सन् २०२५ के विधानसभा चुनावमे राष्ट्रिय लोकतान्त्रिक गठबन्धन (एनडिए) ऐतिहासिक जीत हासिल कएलाक बाद नितिश कुमार रेकर्ड कायम करैत १०म मुख्यमन्त्रीके रूपमे शपथ लेने छलैथ ।
मुदा, आब ५७ वर्षक सम्राट चौधरी नितिश कुमारके स्थान लैत बिहारक नेतृत्व सम्हारने छैथ । हुनक उदयकेँ सत्ता परिवर्तनक रूपमे मात्रे नै बिहारक राजनीतिक युग परिवर्तनक रूपमे सेहो देखल गेल अइछ ।
सम्राट चौधरीके राजनीतिक यात्रा रोचक मानल जाइत अइछ । १९९० के दशकमे राष्ट्रिय जनता दल (आरजेडी) सँ ओ राजनीतिमे प्रारम्भिक प्रवेश कएने छलैन । ओइके बाद सन् २०१८ मे ओ भाजपा प्रवेश केलैन । सन् २०२३ मे हुनका भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाएल गेल छल आ सन् २०२४ मे ओ बिहारक उपमुख्यमन्त्रीके जिमेवारी सम्हारने छलैन ।
सन् १९६८ मे जन्मल चौधरी राजनीतिक रूपमे प्रभावशाली परिवारसँ छैथ । हुनक पिता शकुनी चौधरी तारापुर निर्वाचन क्षेत्रसँ छ बेर विधायकमे निर्वाचित भेल छलैन, तँ माय पार्वती देवी सन् १९९८ मे तत्कालीन समता पार्टीसँ ओएह क्षेत्रसँ विजयी भेल छलैन ।
पहिने नितिश कुमारके कट्टर आलोचक रहल चौधरी सन् २०२४ मे भाजपा–जेडीयु गठबन्धन फेरसँ बनलाक बाद राजनीतिक रूपमे नयाँ भूमिकामे छलैथ ।
सम्राट चौधरी नेतृत्वकेँ ओबीसी समुदाय, विशेष क कोइरी/कुशवाहा समूह बीच पार्टीके समर्थन विस्तार करबाक रणनीतिक कदमके रूपमे विश्लेषण कएल गेल अइछ ।





