काठमाण्डू, १३ जेठः राष्ट्रिय मानवअधिकार आयोग बितल भादब २३ आ २४ गतेके जेनजी आन्दोलनमे भेल मानवअधिकार उल्लङ्घनक घटनाबारे अपन अनुसन्धान प्रतिवेदन कार्यान्वयनक लेल आइ नेपाल सरकारकेँ पत्राचार केलक अइछ ।
आयोगक प्रवक्ता डा टीकाराम पोखरेल अनुसार घटनामे मानवअधिकार उल्लङ्घकर्ताकेँ कानुन बना क कारबाही करए लेल सिफारिस कएल गेल अइछ । आयोगके सिफारिसमे तत्कालीन प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली, तत्कालीन गृहमन्त्री रमेश लेखक, तत्कालीन सूचना तथा सञ्चारमन्त्री पृथ्वीसुब्बा गुरूङ लगायतकेँ मानव अधिकार उल्लङ्घनकर्ताक रूपमे लैत नयाँ कानुन निर्माण क कानुनबमोजिम कारबाही करए लेल आयोग सुझाव देलक अइछ ।
प्रतिवेदनमे तत्कालीन समयमे नक्खु कारागारमे रहल राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीके सभापति रवि लामिछाने जेलसँ निकलल घटनाक सम्बन्धित व्यक्तिसभकेँ थप अनुसन्धान करए लेल सिफारिस कएल गेल अइछ ।
तहिना, नेपाली सेना, नेपाल प्रहरी, सशस्त्र प्रहरीक वरिष्ठ अधिकारी एवम् काठमाण्डू उपत्यकाक तत्कालिन निजामति तथा सुरक्षा निकायक अधिकारीसभकेँ सेहो अनुसन्धान तथा कारबाही करए लेल सिफारिस कएल गेल अइछ ।
आन्दोलनपूर्व आ प्रदर्शनपश्चात् अभिव्यक्ति देनिहार अभियन्ता आ आबद्धकर्तासभ गणेश कार्की, सुलभ खरेल, असिममान बस्नेत, भाग्य न्यौपाने, टङ्क दाहाल, भिक्टर पौडेलसहितकेँ सेहो अनुसन्धान करए लेल प्रतिवेदनमे कहल गेल अइछ । आयोग आइ २६ हम वार्षिकोत्वससेहो मनाएल गेल अइछ । (रासस)





