ऐतिहासिक आन्दोलनमे आदिवासी जनजाति समुदायक महत्त्वपूर्ण योगदानः उपराष्ट्रपति यादव


काठमाण्डू, २४ साओनः उपराष्ट्रपति राम सहाय प्रसाद यादव नेपालक परिवर्तनकारी ऐतिहासिक आन्दोलनमे आदिवासी जनजाति समुदायके महत्त्वपूर्ण योगदान आ बलिदान रहल बतौलैन अइछ ।

३२म विश्व आदिवासी दिवसके अवसरमे नेपाल आदिवासी जनजाति महासङ्घ, सङ्घीय परिषद सचिवालयद्वारा आइ काठमाण्डूके टुँडिखेलस्थित खुलामञ्चमे आयोजित मूल समारोहकेँ सम्बोधन करैत उपराष्ट्रपति यादव आन्दोलनमे योगदान कएने कारण ओकरासभक मर्म संविधान आ राज्य व्यवस्थामे समेटल गेल बतौलैन । नेपालक संविधानके मूल मर्म समावेशी लोकतन्त्र, सामाजिक न्याय तथा समान अवसर भेलाक कारण मिलजुइल क आगु बढ़बाक आवश्यकता भेल तइ पर ओ जोड़ देलैन ।

लोकतन्त्र, गणतन्त्र आ सङ्घीयताके प्राप्ति आदिवासी जनजातिके अधिकार प्राप्तिके सङ्घर्षसँ गम्भीर रुपमे जुड़ल उपराष्ट्रपति यादवके कहब छैन । संविधान आदिवासी जनजाति, मधेशी, सीमान्तकृत तथा उत्पीड़ित समुदायक अधिकार सुनिश्चित कएने कारण आब ओकरासभक व्यावहारिक कार्यावंयन आजुक मुख्य आवश्यकता रहल ओ बतौलैन ।

“समावेशिता केबल नारामे सीमित नै भ राज्यक नीति, योजना, स्रोत आ साधनसहित शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगारी आ निर्णय प्रक्रियाके हरेक तहमे समानुपातिक पहुँचके रूपमे होबाक चाही”, उपराष्ट्रपति यादव कहलैन । सङ्घीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्रात्मक शासन व्यवस्थाकेँ थप सुदृढ़ कएलापर देश हरेक क्षेत्रमे सकारात्मक परिवर्तन हाेबाक विश्वास व्यक्त करैत ओ अइदिस सबके ध्यान केन्द्रित भेनाइ जरुरी रहल बतौलैन ।

तहिना, प्रकृतिसँ मिल क बाँचैबला आदिवासी समुदायक परम्परागत ज्ञान, सीप आ संस्कृति जलवायु परिवर्तन तथा वातावरणीय सन्तुलनक लेल आइ विश्वके लेल अनुकरणीय बनल उपराष्ट्रपति यादव उल्लेख केलैन । नयाँ पुस्ता अपन मौलिक भाषा, संस्कृति आ पहिचानक संरक्षण करैत शिक्षा, विज्ञान आ प्रविधिके आधुनिक प्रयोगमार्फत आगु बढ़बाक लेल ओ जोड़ देलैन ।

सब जाइत, वर्ग आ समुदायक सझिया प्रयाससँ मात्रे नेपाल सुन्दर, शान्त आ उन्नत बनबाक उल्लेख करैत उपराष्ट्रपति यादव स्वदेश तथा विदेशमे रहल सम्पूर्ण आदिवासीमे हार्दिक बधाइ तथा शुभकामना व्यक्त केलैन अइछ । (रासस)

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