जनताके सेवा आजुक प्रमुख आवश्यकता छीः उपराष्ट्रपति यादव


काठमाण्डू, १५ जेठः उपराष्ट्रपति रामसहायप्रसाद यादव देश आ आमनागरिक प्रति उत्तरदायी सरकार, संवैधानिक मर्यादाक पालन आ जनताक सेवाकेँ प्रमुख कर्तव्य माइन क आगू बढ़ब आजुक महत्वपूर्ण आवश्यकता छी।

अठारहम गणतन्त्र दिवस २०८२ के अवसरमे शुभकामना व्यक्त करैत उपराष्ट्रपति यादव कहलैन जे देशमे विद्यमान सब प्रकारक चुनौतीसभके दलीय स्वार्थसँ उपर उइठ क समाधान करब जरूरी छै आ एहिमे नेतृत्व वर्गक भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण अइछ। लोकतान्त्रिक शासन व्यवस्थाकेँ सबल बनेबाक, आमनागरिकक आवाज सुनबाक आ सुशासन स्थापित करबाक जिमेवारी राजनीतिक दलसभके अइछ, ओसभ एकर कर्तव्य बोधके निर्वाह करए, एहन अपेक्षा उपराष्ट्रपतिद्वारा व्यक्त कएल गेल अइछ।

सन्देशमे कहल गेल अइछ, “गणतन्त्र दिवस लोकतान्त्रिक मूल्यसभकेँ स्मरण करबाक अवसर छी। नागरिक अधिकार, समानता आ विधिक शासनकेँ सुदृढ बनेबाक सङे आमनागरिकक संघर्ष आ योगदानकेँ सम्मान करबाक माध्यम अइछ ई दिवस। नेपालमे संघीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्रात्मक शासन व्यवस्थासँ नागरिकक अधिकार, समानता, समावेशिता आ सहभागिता सुनिश्चित भेल अइछ। विश्वक उत्कृष्ट शासन प्रणालीक सिद्धान्तकेँ कार्यान्वयन करबाक आधार नेपालक संविधान छी।”

उपराष्ट्रपति यादव कहलैन जे संविधानद्वारा निर्वाचन प्रणाली, लोकतान्त्रिक शासन व्यवस्था, मौलिक अधिकार आ प्रेस स्वतन्त्रताकेँ प्रभावकारी रूपे आत्मसात कएल गेल अइछ। आमनागरिकक विश्वास अर्जित करब, राजनीतिक स्थिरता कायम राखब आ देशक आर्थिक–सामाजिक प्रगतिकेँ प्राथमिकता दैत आगू बढ़ब जरूरी अइछ। ओ कहलैन जे राजनीतिक दल आ तिनक नेतृत्व यदि स्वच्छ शासन व्यवस्था, पारदर्शिता आ उत्तरदायित्व निर्वाहमे असफल होइत अइछ, तँ लोकतन्त्र कमजोर भ सकैत अइछ।

उपराष्ट्रपति यादव कहलैन, “पछिला समयमे आमनागरिकमे निराशा, कुण्ठा आ असन्तोष बढ़ल अइछ। एहि सबके तत्काल समाधान करैत लोकतान्त्रिक विधिक माध्यमसँ आगू बढ़ब जरूरी अइछ। ई गणतन्त्र दिवसकेँ महान अवसर रूपेँ ग्रहण करैत संविधानक प्रभावकारी कार्यान्वयन, लोकतन्त्रकेँ सबल बनेबाक प्रणसँ आगू बढ़ब जरूरी अइछ। राज्यक सम्पूर्ण शक्तिकेँ जनतामे निहित बनेबाक जे वर्तमान शासन व्यवस्था अइछ, से नेपाली वीर सपुतक असाधारण संघर्ष, त्याग आ बलिदानसँ सम्भव भेल अइछ। जनअपेक्षासभक आग्रह–पूर्वाग्रह बिना सम्बोधन करैत आमनागरिकक मनमे आश जगाएब करब, अपनासभके जिम्मेदारी बनैत अइछ।”

ओ कहलैन जे गणतन्त्र एहेन राजनीतिक व्यवस्था छी जाहिमे शासकीय शक्ति जनताक हाथमे रहैत छै आ जनताद्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधिसभद्वारा सरकारक नेतृत्व कएल जाइत अइछ। जनताप्रति जिमेवारी निर्वाह करब गणतन्त्रक मूल मर्म छी। उपराष्ट्रपति यादव विश्वास व्यक्त कएलैन जे जनादेश, मतादेश आ संविधानद्वारा प्रदत्त व्यवस्थाक अनुसार यदि हमसभ एकढिक्क’ आ एकीकृत भ आगू बइढ़ सकी, तँ नेपालमे संघीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्रात्मक शासन व्यवस्था सबल, सुदृढ आ मजबुत बइन सकैत अइछ। रासस

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