विराटनगर । कोशी प्रदेशक विराटनगरमे शइन दिन शुभारम्भ भेल दू दिवसीय अन्तर्राष्ट्रिय मैथिली सम्मेलन २०२५ जारी अइछ ।
साहित्यकार एवम् मैथिली अभियानी मधेश प्रदेशक प्रमुख डा. सुरेन्द्र लाभ कर्ण ्एक समारोहक बीच सम्मेलनक उद्घाटन कएलैन । समारोहक सम्बोधन करैत ओ मैथिली भाषा लोककण्ठमे जीवन्त रहलाधइर मैथिली अमर रहबाक बात बतौलैन । ओ कहलैन जे मैथिली समृद्ध भाषा छी, जाहिमे समृद्ध साहित्य, कला आ संस्कृति समाहित अइछ आ ई भाषा लोकक कण्ठमे जीवन्त रहलाधइर अमर रहबाक बात बतौलैन ।
मैथिली भाषा, साहित्य आ संस्कृतिके अभियानमे पहिनेसँ सक्रिय रहल चर्चा करैत आगू दिनमे सेहो मैथिली विकास आ प्रवद्र्धनमे सक्रिय रहबाक प्रतिवद्धता व्यक्त केलैन । ‘पहिने हम मैथिल छी, तखन दोसर किछु,’ कर्ण कहलैन ‘मैथिली क्षेत्रमे समावेशिता आवश्यक अइछ, तथापि सम्मेलनमे समावेशीकरणके प्रयास सकारात्मक रहल अइछ ।’
प्रदेश प्रमुख कर्ण देशमे बढ़ैत युवा पलायनप्रति चिन्ता व्यक्त करैत कहलन्हि जे स्थानीय स्तर पर रोजगारी के अवसर सृजन करनाई आवश्यक अइछ । हस्तकला, चित्रकला आ आन स्थानीय उद्यममे जोड दैत युवासबके स्वदेशेमे रोजगारी उपलब्ध कराकए पलायन रोकल जा सकबाक बात बतौलैन ।
अइ अवसर पर कोशी प्रदेशक पर्यटन, वन तथा वातावरण मन्त्री सदानन्द मण्डल मैथिली भाषा, साहित्य, कला आ संस्कृतिक संरक्षण आ संवद्र्धन लेल कोशी प्रदेश सरकार प्रतिवद्ध रहल बात कहलैन । पूर्व मन्त्री जितेन्द्रनारायण देव मैथिली देशमे सबसँ बेसी बोलल जाएबला भाषा छी कहैत सरकारी तवर पर एकर संरक्षण जरूरी रहल बात बतौलन्हि ।
मधेश प्रज्ञा प्रतिष्ठानक अध्यक्ष रामभरोस कापडि भ्रमर प्रदेशक नाम मधेश राखल गेलो बाद सरकारी तवरसँ मैथिली क्षेत्रमे कतेको काज भ’ रहल बात जानकारी देलैन । ओ कहलन्हि जे प्रतिष्ठान अपन गतिविधि सबमे मैथिली सहित स्थानीय भाषा सबके प्राथमिकता दैत आइबरहल रहल अइछ ।
राष्ट्रिय समाचार समितिक अध्यक्ष धर्मेन्द्र झा विह्वल अइ तरहक सम्मेलन निरन्तर होयबामे जोर दैत कोशी प्रदेश सरकार सँ सहयोग मिलनाई सकारात्मक कदम रहल बतौलैन । मैथिली एसोसिएशन नेपाल आ मैथिली सेवा समितिक संयुक्त आयोजनमे भेल उद्घाटन समारोहमे मैथिली अभियानी बिभा झा, मैथिली एसोसिएशन नेपालक केन्द्रीय उपाध्यक्ष पंकज बर्मा सहित कतेको विशिष्ट व्यक्तिसभ शुभकामना मन्तव्य कएलैन । मैथिली अभियन्ता डा. एसएन झाक अध्यक्षतामे उद्घाटन सत्र सम्पन्न भेल ।
एसोसिएशनक अध्यक्ष प्रवीण नारायण चौधरी जानकारी देलन्हि जे सम्मेलनमे नेपाल, भारत सहित आन देशसभ सँ करिब सय गोटे विशिष्ट व्यक्तिसभ सहभागिता क’ रहल अइछ । दू दिवसीय सम्मेलनमे विद्यापति स्मृति सभा, शोभा यात्रा, सांस्कृतिक झाँकी प्रदर्शनी, शंखघोष, विद्वत् विमर्श सत्र, कवि सम्मेलन आ सांस्कृतिक साँझ (नृत्य तथा गीत प्रस्तुति) सहित विभिन्न कार्यक्रम सभ आयोजना कएल जा रहल अइछ । सम्मेलनक अन्तिम दिन अर्थात रइब दिन ‘विराटनगर घोषणा पत्र’ जारी क’ सम्मेलन समापन कएल जाएत ।





