दलित बस्तीमे निर्वाचनक चर्चा


बरहथवा (सर्लाही), २५ माघः आसन्न प्रतिनिधि सभा निर्वाचन लगचियाएल समय गाम घरक दलित बस्तीसभमे चुनावी माहोल बढ़ल अइछ । अइ ठामक चौक चौराहापर होएबला बहसमे चुनावी तालमेल, मतदातामे जोड़घटाउ तथा उम्मेदवारक विजयके चर्चा होइत अइछ ।

उम्मेदवार आ उम्मेदवारक समर्थक घर–घरमे जा क अपन–अपन पक्षमे मत माँगबाक काजमे व्यस्त अइछ । अइ ठामक गल्लीकेँ पक्की सड़कमे रूपान्तरण करबाक सङे सुरक्षित पिबैबला पाइन, रोजगारी, छात्रवृत्ति, सामाजिक सुरक्षा भत्तालगायत सुविधा देबाकसहितक योजना उम्मेदवारसभ मतदाताकेँ सुनाइब रहल अइछ । चन्द्रनगर गाउँपालिका–६ कामतटोलक ६५ वर्षक राज कुमार माझी नेताके प्रतिवद्धता पूरा हएत तइमे विश्वस्त होबाक आधार नै रहल बतौलैन ।

जिलाके चन्द्रनगर, ईश्वरपुर, हरिपुर, ब्रह्मपुरीलगायत क्षेत्रमे दलित समुदायक पुरान बस्ती अइछ । अइ ठामक माझी मुसहरसभ आधारभूत पूर्वाधारक अभावमे कष्टकर जीवन निर्वाह करबाक लेल बाध्य अइछ । किछ दलित बस्तीके छोट सड़क जाढ़क समयमे सेहो बर्खाके मौसमजँका थाल कादोसँ भैर जाइत अइछ, तँ दैनिकके भोजन तथा पिबैबला पाइनक समस्या अइ ठामक पुरान नियति अइछ ।

चन्द्रनगर–६ कामतटोलाके जितन माझी विपन्नके बात सुनैबला दल आ दलक नेताकेँ भोट देबाक बतौलैन । बालबालिकाके लेल विद्यालयधैर पहुँचमे सेहो समस्या रहल हुनक कहब छैन ।

ओ कहलैन,“हरेक चुनावमे नेता तथा कार्यकर्ता आबैत छै, आश्वासनके बात करैत छै । सुकुम्बासी परिवारकेँ पक्की घर देबाक सेहो कहैत छै । कियो नै सुनने समस्या हमसभ सुनब कहैत छै । हमरासभकेँ सेहो अइ बेर किछ नीक होबाक आशा अइछ । मुदा, जीत क गेलाक बाद ओसभ घुइर क नै आबैत छैथ ।”

दलित समुदाय परिवारमे जमीनक स्वामित्व कम अइछ । ओसभ कष्टपूर्ण मजदुरी करबाक लेल बाध्य अइछ । राजनीतिक दलसभ चुनावक समय समावेशी विकाससँ ल क विभिन्न आश्वासन कार्यावंयनमे खासे ध्यान नै देने हुनकासभक कहब छैन । अइ वाडमे लगभग एक सओ परिवार मुसहर माझीके बसोबास अइछ । जइमे आधा जतेक लाेकसभके अपना नामपर जमीन नै छै । अखनधैर रहैत आएल घड़ेरी सेहो अपना नाममे नै रहल स्थानीय तारा माझी दुःख सुनौलैन ।

स्थानीय तह बजेट विनियोजन करैत समय दलित बस्तीके समस्याकेँ खासे प्राथमिकता नै देने स्थानीय अगुवा राम केवल माझी बतौलैन । नागरिक अगुवा रजनी कान्त झाके कहब अनुसार दलित बस्तीकेँ मतदाताके रूपमे मात्रे लेबाक प्रवृत्ति परिवर्तन भेनाइ आवश्यक छै । तहिना, एहन समुदायक पहिल आवश्यकताकेँ प्राथमिकतामे राइख योजना तैयार करबाक, पारदर्शी रूपमे बजेट कार्यावंयन करबाक तथा स्थानीय विकासमे ओकरासभक नेतृत्वकेँ निर्णय प्रक्रियामे सहभागी करेबाक अभ्यासक आवश्यक भेल ओ बतौलैन । स्थानीय शिक्षिका नुनिया माझी दलित समुदायके आय आर्जन बढ़ेबाक लेल सीपक आवश्यकता भेल बतौलैन ।रासस

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