काठमाण्डू, १३ फागुनः निर्वाचन आयोग राजनीतिक दल या उम्मेदवारकेँ निर्वाचन प्रचारप्रसारमे कोनो अवरोध कएलापर दू लाख टका बराबरके जरिवाना होबाक जनौलक अइछ ।
सङ्घीय कानुन बमोजिम निर्वाचनक प्रचारप्रसार करए या मतदानक अधिकार प्रयोग करएसँ बञ्चित करबाक उद्देश्यसहित अवरोध करब या दोसरसँ कराएब या थुनछेक करबाक काज कएलापर दू लाख टका जरिवाना या तीन सालधैर कैद या दूनु सजाय होबाक कानुनी व्यवस्था कएल गेल आयोग जनौलक अइछ ।
प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचनमे सहभागी राजनीतिक दल या उम्मेदवारक चुनावी प्रचारप्रसारकेँ विभिन्न माध्यमसँ अनुगमन क रहल आयोग जनाैलक अइछ । निर्वाचनमे सहभागी राजनीतिक दल या उम्मेदवारक निर्वाचन प्रचारप्रसारक काजकेँ दोसर राजनीतिक दल या उम्मेदवार या दलक कार्यकर्ता या आम नागरिक विभिन्न तरिकासँ अवरोध सिर्जना कएने आ शिकायत कएने उजुरी प्राप्त भेल आयोग जनौलक अइछ । तहिना, विभिन्न संचारमाध्यमसँ सेहो अइ विषयमे जानकारी प्राप्त भेलाक कारण गम्भीर ध्यानाकर्षण भेल आयोग जनाैलक अइछ ।
राजनीतिक दल, उम्मेदवार वा दलक भ्रातृ सङ्गठन तथा सम्बन्धित व्यक्तिद्वारा पालन कएल जाएबला आचरणके सम्बन्धमे निर्वाचन आचारसंहिता जारी भ चुकल अइछ । आचारसंहितामे “कोनो राजनीतिक दल, उम्मेदवार वा दलक भ्रातृ सङ्गठनद्वारा आयोजन कएल गेल जुलुस, आमसभा, कोणसभा, बैसार, भेला वा आन कार्यक्रममे कोनो प्रकारक बाधा अवरोध नै कएल जा सकत” से व्यवस्था अइछ ।
निर्वाचन (कसुर तथा सजाय) ऐनअनुसार, निर्वाचनक सिलसिलामे कोनो व्यक्तिकेँ निर्वाचनमे उम्मेदवारी देबाक या निर्वाचनसम्बन्धी प्रचलित सङ्घीय कानुन बमोजिम निर्वाचनक प्रचारप्रसार करए या मतदानक अधिकार प्रयोग करएसँ बञ्चित करबाक उद्देश्यसँ अवरोध नै करबाक चाही से व्यवस्था अइछ ।
आसन्न निर्वाचनकेँ स्वतन्त्र, स्वच्छ, निष्पक्ष तथा भयमुक्त वातावरणमे सम्पन्न करेबाक दायित्व राजनीतिक दल, उम्मेदवार, आमनागरिक तथा सरोकारवालापर रहल आयोगक ठहर अइछ । रासस





