काठमाण्डू, १६ चैतः सर्वोच्च अदालत नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (एमाले)के अध्यक्ष एवं पूर्वप्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओलीकेँ थुनामुक्त करबाक माँग करैत दायर कएने बन्दीप्रत्यक्षीकरणके रिट निवेदनमे कारण देबाक आदेश जारी केलक अइछ ।
न्यायाधीश मेघराज पोखरेलक इजलास आइ नेकपा एमालेके रिट निवेदनमे कारणसहित ई आदेश प्राप्त भेल मितिसँ तीन दिनमे महान्यायाधिवक्ताके कार्यालयमार्फत लिखित जवाफ पेस करबाक लेल कहलक अइछ । आदेशमे कहल गेल अइछ, “अइमे कि केना भेल छै ? निवेदकके माँग बमोजिम बन्दीप्रत्यक्षीकरणके जादेश किया जारी नै होबाक चाही ? आदेश जारी नै होए ओइके आधार कारणसहित ई आदेश प्राप्त भेल मितिसँ तीन दिनमे महान्यायाधिवक्ताके कार्यालयमार्फत लिखित जवाफ पेस करब कहि विपक्षीसभक नाममे ई आदेश आ रिट निवेदनके प्रतिलिपि राइख म्याद सूचना पठा क म्याद भीतर लिखित जवाफ या अवधि व्यतित भेलाक बाद नियमानुसार पेस करु ।”
अदालत मुलुकी फौजदारी कार्यविधि संहिता, २०७४ के दफा ९(६) के प्रतिकूल जरुरी पक्राउ पुर्जी जारी भेल निवेदकके दिससँ बहस पैरवी करबाक लेल उपस्थित विद्वान वरिष्ठ अधिवक्तासभ तथा अधिवक्तासभ तर्कपूर्ण बहस कएने कारण निवेदककेँ जरूरी पक्राउ पुर्जी जारी करबाक उल्लिखित दफाके पूर्वावस्था अइछ की नै से प्रत्यर्थीसभसँ जवाफ आबैजका लिखित जवाफ पेस करबाक लेल कहने अइछ ।
तहिना, सुनुवाइके दिन कार्की आयोगक छानबिन प्रतिवेदनसमेतके अनुसन्धानक मिसिल इजलाससमक्ष देखा क फिर्ता करएजका माँग करबाक लेल कहल गेल अइछ । अध्यक्ष ओलीके श्रीमती राधिका शाक्य रैबदिन गैरकानुनी थुनामे राखल गेलाक कारण अपन श्रीमानके थुनामुक्त करबाक माँग करैत बन्दीप्रत्यक्षीकरणके रिट निवेदन दायर करौने छलैन ।
रिट निवेदनमे भादब २३ आ २४ के घटनासम्बन्धी जाँचबुझ आयोगक प्रतिवेदनके सिफारिसक आधारमे गिरफ्तार करबाक आ थुनामे राखब गैरकानुनी भेल उल्लेख कएल गेल छल । रासस





