काठमाण्डू । पत्रकार एवं साहित्यकार अमरेन्द्र यादवके नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान द्वारा “प्रज्ञा मातृभाषा पुरस्कार–२०८२” सँ सम्मानित कएल गेल अइछ ।
कमलादीस्थित प्रज्ञा प्रतिष्ठान सभागारमे आयोजित विशेष समारोहमे हुनका ई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान कएल गेल । मैथिली भाषा आ साहित्य क्षेत्रमे तीन दशकसँ निरन्तर योगदानक मान्यतास्वरूप प्रज्ञा प्रतिष्ठानद्वारा ई सम्मान देल गेल अइछ । समारोहमे वक्तासभ अमरेन्द्र यादवक मैथिली भाषा संरक्षण, प्रवद्र्धन आ साहित्य सृजनमे महत्वपूर्ण भूमिकाक प्रशंसा कएलक ।
कवि एवं पत्रकार अमरेन्द्र यादव तीन दशकसँ मैथिली आन्दोलन आ साहित्य लेखनमे सक्रिय छइथ । हिनकर प्रकाशित मैथिली काव्य संग्रह ‘स्त्री आ आगि’ (वि.सं. २०७८) विशेष चर्चामे रहल, जइ कृति लेल हुनका “नेपाल विद्यापति पाण्डुलिपि पुरस्कार–२०७७” सेहो प्राप्त भेल छल ।
ओ बहुभाषिक काव्य संग्रह ‘भवप्रीता’क सम्पादन सेहो कएने छथि, जाहिमे १०टा भाषाक ५० गोटे कविसभक एक सय कविता संकलित अइछ । साहित्य क्षेत्रमे सक्रियता अंतर्गत अमरेन्द्र यादव एक सयसँ बेसी गीत, गजल, कविता, लघुकथा आ कथा लिखने छइथ, जकरा विभिन्न पत्र–पत्रिकामे प्रकाशित कएल गेल अइछ ।
शैक्षिक रूपसँ अंग्रेजी साहित्य आ राजनीति शास्त्रमे स्नातकोत्तर अमरेन्द्र यादव मैथिली, नेपाली आ अंग्रेजी तीनू भाषामे दक्ष छइथ । राजनीतिक आ सामाजिक विषयवस्तुपर लिखल हुनकर लेख आ निबन्धसभ विभिन्न राष्ट्रिय दैनिकसभमे नियमित रूपेँ प्रकाशित होइत रहल अइछ ।
पत्रकारिता क्षेत्रमे सेहो हुनकर योगदान उल्लेखनीय अइछ । दुई दशकसँ बेसी समयसँ मैथिली, नेपाली आ अंग्रेजी भाषामे सक्रिय पत्रकार अमरेन्द्र यादव विगत करिब १४ वर्षसँ अंग्रेजी दैनिक ‘दि राइजिङ नेपाल’क समाचार कक्ष आ सम्पादकीय टीममे महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह कए रहल छइथ ।
प्रज्ञा प्रतिष्ठानद्वारा देल गेल ई सम्मान मैथिली भाषा–साहित्यक विकास दिशामे हुनकर निरन्तर योगदानक उच्च मूल्यांकन मानल जा रहल अइछ ।





