काठमाण्डू, २५ वैशाखः संवैधानिक परिषद् भावी प्रधानन्यायाधीशक रूपमे सर्वोच्च अदालतके न्यायाधीश डा मनोज कुमार शर्माक नाम सिफारिस कएलाक बाद ३३म प्रधानन्यायाधीशक रूपमे न्यायालयक नेतृत्व करत।
प्रधानमन्त्री तथा परिषद्क अध्यक्ष वालेन्द्र शाहक अध्यक्षतामे भेल बैसारमे वृहस्पैतदिन भावी प्रधानन्यायाधीशक लेल सिफारिस कएलाक बाद आब न्यायालयक नेतृत्व करबाक जिमेवारी डा शर्माकेँ भेटल अइछ।
वि.सं. २०२७ अखार ४ गते पर्साक वीरगन्जमे जन्मल डा शर्मा २०७६ वैशाख ६ सर्वोच्च अदालतके न्यायाधीश भेल छल। ओ नेपाल ल क्याम्पससँ बीएल आ भारतके पुणे विश्वविद्यालयसँ एलएलएम कएने छैथ। प्रधानन्यायाधीशमे सिफारिस भेल डा शर्मा त्रिभुवन विश्वविद्यालयसँ श्रम कानुनमे विद्यावारिधि कएने छैथ।
न्यायक क्षेत्रमे कानुन व्यवसायीसँ प्रवेश भेल डा शर्मा २०७० साल जेठ २७सँ २०७२ अगहन २६धैर उच्च अदालतके अतिरिक्त न्यायाधीशमे काज कएने छैथ।
परिषद् भावी प्रधानन्यायाधीशमे नाम सिफारिस कएलाक बाद संसदीय सुनुवाइ समिति अनुमोदन क राष्ट्रपति नियुक्ति करबाक संवैधानिक व्यवस्था अइछ। डा शर्मा प्रधानन्यायाधीशमे नियुक्त भेलापर २०८९ अखार ४धैर छ वर्ष हुनकर कार्यकाल हेत।
प्रधानन्यायाधीश प्रकाशमानसिंह राउत ६५ सालके उमेरहदके कारण सेवानिवृत्त भेलाक बाद सर्वोच्च अदालतके वरिष्ठतम् न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल बितल चैत १८ गतेसँ कायममुकायम (कामु) प्रधानन्यायाधीशक रूपमे जिमेवारी सम्हाइर रहल छैथ।
प्रधानन्यायाधीशक पद खाली भेलापर सर्वोच्च अदालतके वरिष्ठतम् न्यायाधीश कायममुकायम प्रधानन्यायाधीशक जिमेवारी सम्हारबाक संवैधानिक व्यवस्था अइछ। नेपालक संविधानक धारा १२९(६)मे प्रधानन्यायाधीश अवकाश भेलाक बाद वरिष्ठतम् न्यायाधीश स्वतः कामु प्रधानन्यायाधीश हेबाक व्यवस्था कएल गेल अइछ।
न्याय परिषद् बितल फागुन २६ गते प्रधानन्यायाधीश बनबाक योग्यता पहुँचल सर्वोच्च अदालतके छ गोट न्यायाधीशक सूची संवैधानिक परिषद्मे पठाएल गेल छल। प्रधानन्यायाधीशक लेल परिषद् वरिष्ठतम् न्यायाधीश मल्लसहित, न्यायाधीशसभ कुमार रेग्मी, हरि फुँयाल, डा मनोज कुमार शर्मा, डा नहकुल सुवेदी आ तिलप्रसाद श्रेष्ठके नाम सिफारिस कएने छल। (रासस)





