काठमाण्डू, ३० वैशाखः शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधिमन्त्री सस्मित पोखरेल मधेश प्रदेशक साक्षरता अभियान औपचारिकता मात्र नै सामाजिक रूपान्तरण आ मानव विकासक अभियानक रूपमे रहल बतौलैन अइछ।
आइ जनकपुरधाममे ‘साक्षर मधेश प्रदेश तैयारीसम्बन्धी उच्चस्तरीय विज्ञ कार्यदल’द्वारा तैयार कएल गेल प्रतिवेदन ग्रहण करैत ओ सीमित समयक भीतर कार्यदल गहन अध्ययन, तथ्यगत विश्लेषण तथा व्यावहारिक सुझाव सहितक प्रतिवेदन लेल कार्यदलकेँ धन्यवाद देलैन। प्रतिवेदनमे समाहित सुझाव, रणनीति तथा कार्ययोजनापर आओर अध्ययन क सरकार आवश्यक निर्णय करत से जानकारी देलैन।
नेपाल सरकारक प्रवक्ता सेहो रहल मन्त्री पोखरेल मधेश प्रदेशमे अखनो विद्यालयसँ बाहर रहल बच्चा, निरक्षर वयस्क तथा आर्थिक अभावक कारण शिक्षा प्राप्त करयमे असमर्थ समुदायकेँ लक्षित क प्रदेश सरकारक सहयोगसँ विशेष अभियान सञ्चालन कएल जाएत से बतौलैन।
चालू आर्थिक वर्षक भीतर मधेश प्रदेशकेँ साक्षर घोषणा करबाक उद्देश्यसहित मन्त्रालयक मन्त्रिस्तरीय निर्णयक अनुसार सरकारक पूर्वसचिव डा रामस्वरुप सिन्हाक संयोजकत्वमे सात सदस्यीय कार्यदल गठन कएल गेल छल।
मन्त्री पोखरेल मधेश प्रदेशकेँ साक्षर घोषणा करबाक अभियानमे संघीय सरकारक पूर्ण सहयोग आ समन्वय रहत से स्पष्ट करैत तीनू तहक सरकार, विद्यालय, शिक्षक, विद्यार्थी तथा समुदायक बीच प्रभावकारी सहकार्य आवश्यक रहल उल्लेख केलैन।
विशेष क १५सँ ६० सालक उमेर समूहक निरक्षर नागरिककेँ द्रुत सिकाइ विधि मार्फत साक्षरतामे जोड़यबला अभियानकेँ परिणाममुखी ढङ्गसँ सञ्चालन करए पड़त से ओ कहलैन।
मधेश प्रदेशक शिक्षा तथा संस्कृतिमन्त्री रानी कुमारी तिवारी विगतमे साक्षरता शिक्षा क्षेत्रमे भेल लगानीक प्रतिफल/नतिजाक विषयमे प्रश्न करैत नतिजामुखी कार्यक्रमपर जोड़ देलैन। ओ बाँकी रहल दू महिनामे तीन तहक सरकार, विद्यालयक शिक्षक आ विद्यार्थीकेँ परिचालन क मधेश प्रदेशकेँ साक्षर घोषणा कएल जा सकैत छै से विश्वास व्यक्त केलैन।
प्रतिनिधिसभा सदस्य मनिष झा नागरिकक साक्षर होएबला मौलिक हकके प्रत्याभूतिक लेल इमान्दार आ सचेत भ क काज करए पड़त से उल्लेख करैत उच्चस्तरीय कार्यदलप्रति आभार व्यक्त केलैन।
कार्यदलक संयोजक सिन्हा समग्र प्रतिवेदनमे उल्लिखित मूलभूत विषयवस्तु, मधेश प्रदेशक साक्षरताक अवस्था, निरक्षरताक मुख्य कारणसभ, देखाएल गेल समस्या समाधानक लेल रणनीति आ नवीन अभ्यास सहितक सिफारिस सेहो प्रस्तुत कएने छैथ। ओ मधेश प्रदेशकेँ अगिला अखार तेसर सप्ताहक भीतर साक्षर घोषणा कएल जा सकैत अइछ से कार्ययोजना प्रस्तुत केलैन।
शिक्षा तथा मानव स्रोत विकास केन्द्रक महानिर्देशक अणप्रसाद न्यौपाने मधेश प्रदेशकेँ साक्षर घोषणाक लेल प्रतिवेदनक सिफारिसक अनुसार कक्षा १०, ११ आ १२ क विद्यार्थी परिचालन, विभिन्न निकायक भूमिका परिभाषित करए आ सम्बन्धित सरोकारवालाकेँ साक्षर घोषणासम्बन्धी अभिमुखीकरण कएल जा सकैत अइछ से उल्लेख केलैन। (रासस)





