सिरहा, ९ साओन: महिला कैदीबन्दीके संवेदनशीलता आ सुरक्षाक ध्यानमे राइख ‘महिलामैत्री’ कारागारक आवश्यकता बारम्बार उठैत रहल अइछ । मुदा सिरहाक कारागारमे अखनधैर एहन कोनो सुविधा उपलब्ध नै अइछ ।
महिला कैदीबन्दीके लेल अलग संरचना नै होएब, बनाएल गेल भवनमे आवश्यक संरचनाक कमी आ वर्तमान कारागारक भीड़भाड़क कारण ई समस्या आओर जटिल भ गेल कारागार प्रशासक सुवोध कुमार महतो बतौलैन। हुनक कहब अनुसार महिला कैदी तथा बन्दीकेँ राखै लेल अलग प्रकारके कारागार नै छै । एक महिना पहिनेसँ एतकेँ महिला कैदीबन्दीकेँ दोसर ठाम स्थानान्तरण कएल गेल अइछ ।
महिला कैदीक लेल अलग आवासीय भवन, पर्याप्त आ सुरक्षित शौचालय तथा स्नानगृह, शिशु सहितक महिलाक लेल बाल संरक्षण कक्ष, सुरक्षित भेटघाट कक्ष आ गोपनीयता सुनिश्चित करबाक सुविधा आवश्यक मानल जाइत अइछ ।
अधुर भवन, अपूर्ण योजना
मधेश प्रदेश सरकारक आर्थिक वर्ष २०८१/८२ क बजेट अन्तर्गत लगभग ६० लाख टकाके लागतमे महिला कैदीबन्दीक लेल एकटा नव भवन निर्माण सुरू कएल गेल छलै मुदा अखनधैर ओ अधुरे अइछ । आ ओइ भवनमे महिलामैत्री आवश्यक संरचना सेहो नै अइछ । कारागार प्रशासक महतो कहलैन, “कम्पाउण्ड वाल, खानि-पानीक सुविधा, शौचालय, सेफ्टीट्याङ्की, सेन्ट्री पोष्ट, भेटघाट कक्ष एतेक नै बनैधैर ओ भवन प्रयोगविहीन रहत ।”
आओर चिन्ताक विषय तँ ई छै जे ओइ भवनमे प्रयोग कएल गेल झ्याल शीशाके छै, जे सुरक्षाक दृष्टिकोणसँ अत्यन्त जोखिमपूर्ण मानल जाइत छै । महतो कहैत छैथ, “ओइ शीशाकेँ फोइड़ क अवांछित क्रियाकलाप भ सकैत छै तथा विभिन्न घटना होबाक सम्भावना रहैत छै । किए आ कोना क ओ प्रयोग कएल गेल, हमरा थाह नै भेल । हम एत प्रमुख बइन क आएला डेढ़ महिना मात्रे भेल छै ।”
जीर्ण संरचना आ क्षमतासँ बेसी कैदी
सिरहाक मुख्य कारागार २०२८ सालमे बनल छल, जे एखनधैर स्तरोन्नत नै कएल गेल अइछ । पुरान संरचना, अपर्याप्त सुविधा आ कैदीबन्दीक अत्यधिक संख्यासँ स्थिति आओर भयावह भ गेल अइछ ।
ई कारागारक क्षमता मात्र १५० गोटेक अइछ मुदा एखन एत ४४२ गोट कैदीबन्दी राखल गेल अइछ । साओन ४ गते कारागार भितरे आन्तरिक प्रशासनके नाइके तोकबाक विषयमे कैदीबन्दीक बीच झड़प भेलासँ १३ गोट घायल भ गेल छल । एखन हुनकासभके काठमाण्डूमे इलाज भ रहल कारागार प्रशासक महतो जानकारी देलैन । रासस





