
अर्चना झा
गोरखा क्षेत्र नम्बर १ सँ प्रत्यक्ष निर्वाचित प्रतिनिधिसभा सदस्य आ राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) क माननीय सुदन गुरुङ कहलनि जे ओ राजनीति में सुविधा, पद वा व्यक्तिगत लाभ लेल नहि, बल्कि जनता क आवाज संसद धरि पहुँचाबय लेल आयल छथि।
रास्वपाक नवनिर्वाचित प्रतिनिधिसभा सदस्यसभ (प्रत्यक्ष आ समानुपातिक) लेल चैत ३ आ ४ केँ ललितपुर में आयोजित अभिमुखीकरण कार्यक्रमक दौरान ओ स्पष्ट केलनि जे सरकारी गाड़ीक उपयोग नहि करब आ सांसदक रूप में भेटय वाला तलब सेहो व्यक्तिगत खर्च में नहि लगायब, बल्कि जनहित में खर्च करब।
ओ जेन्जी आन्दोलन (भदौ २३ आ २४) सँ उठल मुद्दासभ केँ संसद में नीतिगत रूप सँ उठाबय, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय, सुशासन आ राष्ट्रीय स्वाभिमानक पक्ष में दृढ़तासँ काज करय लेल प्रतिबद्धता व्यक्त केलनि।
आन्दोलन सँ निर्वाचित सांसद बनिक अभिमुखीकरण कार्यक्रम में भाग लेब धरि अनुभव, राजनीतिक यात्रा, गोरखाक जनता लेल प्राथमिकता, महिला आ सामाजिक न्यायक मुद्दा, परराष्ट्र दृष्टिकोण आ आगामी प्रतिबद्धताक बारे में राष्ट्रिय समाचार समितिक समाचारदाता अर्चना झा सँ माननीय गुरुङक संपादित बातचीतक अंश :
आन्दोलनक पृष्ठभूमिसँ संसद सदस्य बनिक अभिमुखीकरण कार्यक्रम में भाग लेब धरि यात्रा कतेक अनुभवपूर्ण रहल ?
आन्दोलन में रहैत काल जनता क पीड़ा, आक्रोश आ आशा निकट सँ देखबाक अवसर भेटल। आब संसद सदस्य बनिक अभिमुखीकरण कार्यक्रम में भाग लेबासँ सडक पर उठल आवाज केँ संसद भितर सँ नीतिगत रूप में उठेबाक जिम्मेवारी मिलल अछि। ई मोन में खुसी सँ बेसी जिम्मेवारीक क्षण बुझाइत अछि। ई यात्रा भावनात्मक, जिम्मेवारीपूर्ण आ ऐतिहासिक अनुभव बनल अछि।
सरकारी सुविधा आ सांसदक तलब पर अहाँक दृष्टिकोण की अछि?
हम सरकारी गाड़ी नहि चढ़ब, हमर अपन गाड़ी अछि। सांसदक रूप में भेटय वाला तलब सेहो व्यक्तिगत खर्च में नहि लगाओब। ओ रकम जेन्जी आन्दोलन में घायल भेला लोकक शिक्षा, स्वास्थ्य आ बेरोजगार युवाक सहायता में खर्च करब। राजनीति हमरा लेल सुविधा लेल नहि, बल्कि जनता क पक्ष में जिम्मेदारी निभेबाक माध्यम अछि।
राजनीति प्रति वितृष्णा राखनिहार अवस्था सँ संसद धरि एबाक प्रेरणा कतय सँ भेटल?
भदौ २३ आ २४ जेन्जी आन्दोलन में उठल आवाजक कार्यान्वयन करबाक, दोषीक कानूनी कारबाही करबाक आ संविधान संशोधनक आवश्यक विषयसभ संसद में उठेबाक लेल हम राजनीति में आयल छी। आर माननीय लोक केँ केवल कहिकऽ घुमबाक बदला अपन कार्य स्वयं कऽ रहल छी। हमरा देशक विकृत सिस्टम बदलबाक अछि। संसद में देशक उज्ज्वल भविष्य लेल आवाज उठेबाक अछि। ताहि लेल अपन काज स्वयं करबाक सोचक संग राजनीति में आयल छी।
गोरखा क्षेत्र नम्बर १ क जनता लेल अहाँक पहिल प्राथमिकता की हेतै?
हमर पहिल प्राथमिकता महिला सशक्तिकरण, सीपमूलक कार्यक्रम आ आधुनिक कृषि हेतै। आबि गाँव–गाँव सँ बहुत युवासभ वैदेशिक रोजगार में गेल छथि। ताहि कारण ग्रामीण क्षेत्र में कृषिक मुख्य जिम्मेदारी महिला पर अछि। एहि लेल महिला दिदीबहिनीसभ केँ समूह में संगठित कऽ सीपमूलक कार्यक्रम सँ दक्ष बनाक आगू बढ़ेबाक योजना अछि। आधुनिक कृषि उपकरण, मल आ आवश्यक स्रोत–साधन उपलब्ध कराबी आ कृषि सहज आ प्रभावकारी बनाबी। महिला सभ केँ हरेक क्षेत्र में सशक्त बनेबाक हमर स्पष्ट प्रतिबद्धता अछि।
देश में बढ़ैत बलात्कार आ नाबालिग पर होइत जघन्य अपराध पर अहाँक दृष्टिकोण की अछि?
विशेष रूप सँ १७ वर्ष सँ कम बच्चा पर होइत बलात्कारक अपराधी केँ फाँसीक सजाय देबाक कानुन जरूरी अछि। ई कानुन बहुत पहिने बनय पड़ित रहित। मुदा विडम्बना, देशक नेतासभ एहि दिस गंभीर ध्यान नहि देलनि। बनेल गेल कानुनसभ सेहो प्रभावकारी रूप में लागू नहि भऽ पएल। प्रमाण रहितहु राजनीतिक आ आर्थिक दबाबक कारण बहुत घटना ढाक–छोप कएल गेल। पीड़ित केँ न्याय नहि भेटबाक स्थिति अन्त भऽ पए। एहन जघन्य अपराधक विरुद्ध कड़ा कानुन आ कठोर कार्यान्वयन अनिवार्य अछि।
तराई–मधेशक महिलासभ दहेज आ घरेलु हिंसासँ पीड़ित छथि, एहि पर दृष्टिकोण की अछि?
दहेज आ घरेलु हिंसाक विरुद्ध कानुन बनेलासँ मात्र काज नहि चलत, ओकर प्रभावकारी कार्यान्वयन सेहो आवश्यक अछि। महिला दिदीबहिनीसभ केँ देशक ऐन–कानुनक विशेष रूप में शिक्षित करब जरूरी अछि। स्थानीय सँ माथिल स्तर धरि पीड़ितक न्याय सुनिश्चित करबाक व्यवस्था बलियो होयबाक चाही। राजनीतिक दबाबक कारण बहुत पीड़ित न्याय नहि पाबि रहल छथि। ताहि कारण तराईक महिलासभ आरो पीड़ित बनल छथि। आब महिला दिदीबहिनीसभ चुप रहि नहि सकैत छथि, अपन आवाज बुलंद करैत अधिकारक माँग करय पड़त। हरेक क्षेत्र में महिलासभ सबल, सक्षम आ सशक्त होयबाक आवश्यक अछि।
अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध आ परराष्ट्र नीति में अहाँक प्राथमिकता की हेतै?
सब सँ पहिने, देशक माथ झुकयबाक काज हम आ हमर पार्टी कखनो नहि करब। हम सभ देशक संग मित्रवत सम्बन्ध राखब, राष्ट्रीय हित केँ प्राथमिकता देब। पहिलक सरकार जे विभिन्न देशक संग समझौता आ समझदारी केलनि, ओकर गम्भीर समीक्षा आ छलफलक बादे आगू बढ़ाओल जेत। राष्ट्रीय हितक विपरीत कोनो निर्णय स्वीकार्य नहि।
अन्त में, जनता क अपेक्षा, अपन प्रतिबद्धता आ आगामी योजना पर की कहब चाहब?
हम केवल सांसद बनेबाक लेल राजनीति में नहि आयल छी, बल्कि जनता क आवाज संसद धरि पहुँचाबय लेल, सेवा, त्याग आ जिम्मेदारीक संग काज करबाक लेल आयल छी। सरकारी सुविधा नहि, जनहित हमर प्राथमिकता अछि। महिला सशक्तिकरण, सामाजिक विकृतिविरुद्ध कड़ा कानुन आ राष्ट्रीय स्वाभिमानक पक्ष में हम सदिखन दृढ़ रहब। गोरखा क जनता जे विश्वास हमरा पर केलनि, ओकर परिणाममे बदलबाक प्रयास करब।
प्रस्तुती : अर्चना झा





