अस्पतालके बाहर प्रसूतिके घटनापर छानबीन भ रहल छै: स्वास्थ्यमन्त्री


काठमाण्डू, २६ भादबः स्वास्थ्य तथा खाद्य स्वच्छतामन्त्री निशा मेहता सप्तरीक राजविराजस्थित गजेन्द्र नारायण सिंह अस्पताल परिसरके बाहर प्रसूति भेल घटनाक छानबीन भ रहल आ दोषी देखलापर कानूनअनुसार कारबाही कएल जेबाक बतौलैन।

प्रतिनिधिसभाक बैसारमे सांसदसभके प्रश्नके उत्तर दैत ओ घटनाक जानकारी मिलते अस्पतालसँ २४ घण्टाके स्पष्टीकरण माँगल गेल आ अस्पतालसँ स्पष्टीकरण प्राप्त भेल जानकारी देलैन।

मन्त्री मेहताअनुसार घटनाक स्थलगत छानबीनक लेल स्वास्थ्य सेवा विभागक इलाजात्मक सेवा महाशाखाक प्रमुख डा. पवनजङ्ग रायमाझी, नेपाल मेडिकल काउन्सिलक रजिष्ट्रार डा. सुप्रभात श्रेष्ठ आ एथिकल कमिटीक डा. अजय शाहसहित पाँच सदस्यीय समूह राजविराज पहुँचल अइछ।

ओ जिला प्रशासन कार्यालय, सप्तरीसँ सेहो छानबीन समिति गठन भेल आ घटनाके समय ‘ड्युटी’पर रहल अस्पतालक कर्मचारीकेँ तत्काल काजसँ हटा क छानबीन आगाँ बढ़ाएल जा रहल जानकारी देलैन।

अस्पतालसँ प्राप्त प्रारम्भिक विवरणअनुसार भादब २४ गते भोर करीब २ः०० बजे प्रसव अवस्थामे रहल ३० वर्षीय बबिता कुमारी पासवान अस्पताल आएल छल, मन्त्री मेहता कहलैन। प्रारम्भिक स्वास्थ्य परीक्षणके बाद हुनका प्रसूति वार्डमे भर्ती कएल गेल छल।

आवश्यक जाँचके रिपोर्ट उपलब्ध नै भेलासँ बेसी जरूरी जाँच करबाक सुझाव देल गेल छल। मुदा बबिता आ हुनकर कुरुवा अस्पतालद्वारा उपलब्ध कराएल शय्यामे नै रइह बाहर निकलल आ भोरमे करीब ४ः४५ बजे अस्पतालके गेट बाहर प्रसूति भेल, से प्रारम्भिक विवरण संसदकेँ मन्त्री जानकारी देलैन।

प्रसूतिक बाद माए आ नवजात शिशुकेँ फेर प्रसूति वार्डमे आनल गेल आ ‘ड्युटी’पर रहल स्वास्थ्यकर्मी आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल तथा इलाजक लेल अस्पतालमे रहबाक आग्रह कएलाक बादो ओ अस्पतालसँ बाहर चइल गेलैथ, मन्त्री मेहताक कहब छल।

मन्त्रालय घटनाक जानकारी मिलते माए आ नवजात शिशुकेँ खोइज क अस्पताल आइन क इलाज करबाक निर्देशन देलक आ एखन दुनूकेँ अस्पतालक बेड नम्बर २२मे भर्ती रहल ओ जानकारी देलैन।

मन्त्री मेहता सेवाग्राही अस्पताल परिसरसँ बाहर जाएबला अवस्था किए आएल तथा अस्पतालसँ देल गेल सेवामे कोनो कमी-कमजोरी छल कि नै, से विषयमे छानबीनके बाद तथ्यके आधारपर स्पष्ट हएत , कहलैन।

मातृ तथा नवजात शिशुके जीवन रक्षा, सुरक्षित प्रजनन तथा गुणस्तरीय स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करब राज्यक प्राथमिक दायित्व रहलासँ एहन घटना फेर नै होए, ताहि लेल सरकार गम्भीर रहल बतौलैन।

मन्त्री मेहता सरकारी स्वास्थ्य संस्थामे प्रसूति सेवा निःशुल्क होइतो कोनो शुल्क माँगलापर वा गर्भवती महिलाकेँ सेवा दियसँ इन्कार कएलापर सम्बन्धित व्यक्तिक विरुद्ध प्रचलित कानूनअनुसार कारबाही कएल जेबाक बतौलैन।

सुरक्षित मातृत्व प्रत्येक माएके अधिकार भेलासँ कोनो महिला प्रसव पीड़ामे स्वास्थ्य संस्थाके गेट बाहर रहब, सेवा नै पाइब क घुरय पड़त वा असुरक्षित रूपसँ प्रसूति होए पड़त, एहन अवस्था अगिला दिनमे नै आबय देबाक लेल मन्त्री मेहता प्रतिबद्धता सेहो व्यक्त केलैन। (रासस)

ताजा खबर
लोकप्रिय