काठमाण्डू। अन्तरिम सरकार खर्च कटौतीमे कड़ाइ करैत सांसदसहित राजनीतिक पदाधिकारीकें दैत आइबरहल स्वकीय सचिव सुविधा कटौती कएलक अइछ ।
सरकारक आश्विन ६ गतेक मन्त्रिपरिषद् बैठकमे पारित १२ बुँदा निर्णयके कार्यान्वयन करबाक लेल अर्थ मन्त्रालय सभ निकायमे पत्राचार करबाक सूचना दैत कहल गेल अछि जे आब राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री, सभामुख, राष्ट्रिय सभाक अध्यक्ष, प्रदेश प्रमुख आ मन्त्री बाहेक अन्य कोनो पदाधिकारीके स्वकीय सचिव राखबाक अधिकार नइँ रहत । मन्त्री आ प्रदेश प्रमुखक सचिवालयमे सेहो बेसीमे तीन गोटा मात्र नियुक्त कएल जाएत ।
एहिसँगे सचिवालयक लेल अलग कार्यकक्ष उपलब्ध नइँ भ सकत, सवारी साधन, विदेश भ्रमण आ भौतिक सुविधा सेहो बन्द कएल गेल अइछ । प्रेस समन्वयक जिम्मेवारी सम्बन्धित निकायक प्रवक्ता अथवा सूचना अधिकारीमार्फत पूरा होयत ।
अन्य खर्च नियन्त्रण निर्णयमे नियमित कार्य लेल बैठक भत्ता खत्म, निजी वा सरकारी आवास प्रयोग करऽ वालाक लेल आवास भत्ता रोक, महँग इलेक्ट्रोनिक्स आ विलासी सामग्री खरिदमे प्रतिबन्ध, वितरणमुखी कार्यक्रम रोकल जएनाइ सहितके निर्णय कएल गेल अइछ । सरकारी कार्यालय घर भाड़ामे लेबाक अवस्थामे व्यापारिक क्षेत्र अथवा प्रमुख मार्गमे नइँ लेबए आ विदेशस्थित नियोगमे सेहो अइ नियमके पालन करबाक निर्णय कएल गेल अइछ ।
सरकारक दाबी अइछ जे एहि कदम सँ निर्वाचन खर्च व्यवस्थापन, सार्वजनिक सेवा सञ्चालन आ आर्थिक पुनरुत्थान सहज होएत । मितव्ययिताक संदेश जनमानसमे सकारात्मक प्रभाव छोड़एमे सफल होएत ।





