मधेश प्रदेशक ४०३ परिवार ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यक्रमसँ लाभान्वित


सर्लाही । सामुदायिक तथा ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यक्रमसँ मधेश प्रदेशक ४०३ परिवार लाभान्वित भेल अइछ। महिला, विपन्न आ सीमान्तकृत समुदायक आर्थिक उपार्जनक लेल कहैत एसियाली विकास बैंकक सहयोगसँ मधेश प्रदेशक आठ जिलाक आठ पालिकामे संचालित कार्यक्रमसँ ४०३ परिवार लाभान्वित भेल छैथ।

आयोजना प्रमुख रणधीर पाठकके अनुसार, एखन मधेशक आठ जिलाक आठ पालिकामे ई कार्यक्रम संचालिन कएल गेल अइछ। महिला, विपन्न आ सीमान्तकृत समुदायक आर्थिक तथा सामाजिक स्तर उठेबाक, उद्यमशील बनेबाक तथा आर्थिक आयआर्जन करबाक उद्देश्यसँ सन् २०२२सँ ई परियोजना सुरू भेल ओ जानकारी देलैन।

एसियाली विकास बैंक, नर्वे सरकार आ नेपाल विद्युत् प्राधिकरणक साझेदारीमे सर्लाहीक बागमती नगरपालिका, सप्तरीक कञ्चनपुर नगरपालिका, सिरहाक लाहान नगरपालिका, धनुषाक बटेश्वर गाउँपालिका, महोत्तरीक बर्दिवास नगरपालिका, रौतहट क चन्द्रपुर नगरपालिका, बाराक कलैया उपमहानगरपालिका आ पर्साक पटेर्वा सुगौली गाउँपालिकामे संचालित सामुदायिक तथा ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यक्रम संचालन कएल गेल नेपाल विद्युत् प्राधिकरण मधेश प्रदेशक प्रमुख शम्भु कुसियत यादव जानकारी देलैन।

हुनक कहब अनुसार, महिला, विपन्न आ सीमान्तकृत समुदायक आर्थिक तथा सामाजिक स्तर सुधार क सहज रूपसँ जीविकोपार्जन कराबए, विद्युत् सेवा सुधार कराबए, प्रविधिसँ सीप आ क्षमता विकास करैत उद्यमी बनेबाक तथा प्रोत्साहन करबाक लेल ई कार्यक्रम संचालन कएल गेल अइछ।

सप्तरीक ४८, सिरहाक ५२, धनुषाक ४७, महोत्तरीक ५२, सर्लाहीक ५०, रौतहट क ५३, बाराक ४८ आ पर्साक ५३ परिवार सामुदायिक तथा ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यक्रमसँ जुड़ल ओ जानकारी देलैन।

विकासक मूलधारसँ पाछू पड़ल समुदाय स्तरमे विद्युत् पहुँच विस्तार भेलाक बाद ओसभ विकासक गतिसँ जुड़ल अनुभव क रहल स्थानीयके कहब अइछ। सरकार बिजली वितरणक लेल मात्र सामूहिक वा सहकारी संस्था बनेबाक नै, बल्कि स्थानीय स्तरमे लघु विद्युत् आयोजना निर्माण करबाक लेल प्राविधिक आ आर्थिक सहयोग सेहो करबाक आवश्यकता रहल स्थानीयसभ कहलैन ।

ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यक्रमसँ ग्रामीण क्षेत्रमे हजारो छोटका उद्योग संचालन करबामे सहयोग भेटबाक सङे गरीबी निवारणमे सेहो सहयोग भेटल अइछ। ग्रामीण विद्युतीकरणमे लागल सहकारी संस्थासभ सबल हेबाक विद्युत् महसुल उठेबाक काज पारदर्शी बनेबाक चाही, सरोकारवला निकायसभक बीच सहकार्य आ समन्वय होबाक चाही, स्थानीय व्यक्तिसभहक कहब छलैन । रासस

ताजा खबर
लोकप्रिय