फुलगेन मगही
अपन दल आ पाटीके लोक मातरे कतौ होइके चाही
कतबो कमिसन दबाउत त, सबटा ठीके बुझायत ।
बोलीके बात आ पनापरके रबैया सब जनबे करैय हय,
बिना कमिसन कुछ नइ, इ बात लोक कहबे करैय हय ।।
अपन लोकके केलहा बैमानीयो सबटा ठीके बुझाइत
दोसर गोरा कुनो काम करत त, अपना देखल न जाइत ।
दोसरके बसमे करैला पावर लोक खुब देखेबे करैय हय,
बिना कमिसन कुछ नइ, इ बात सब लोक कहबे करैय हय ।।
कुन नेता आ कुन पाटी केहन हय से के न जनैय हय <
अपन बेरमे अपन खिचातानी सबकेसब करबे करै हय ।
आइय दुधसे धोइल न हय ,कोइ से सब जनबे करैय हय,
बिना कमिसन कुछ नइ, इ बात लोक कहबे करैय हय ।।
खाली अपन सरकार आ कुर्सी अपना सिको रहेके चाही
जनताके नामपर हातीके दात देखाके, चिबेबे करैय हय ।
अपन देशके बिकाश दोसरेके इसरामे प्रम्परा से चलैय हय,
बिना कमिसन कुछ नइ, इ बात सब लोक कहबे करैय हय ।।
जनता ,कार्यकर्ता,सबके मिसन आइय कमिसनके चलैय हय
निचासे उपर आइय एक दोसरपर हरदम देखु भिरले रहै हय ।
अपन बिकास आ निकास केना लगतै, जोगारमे सिढी रहै हय,
बिना कमिसन कुछ नइ, इ बात सब लोक कहबे करैय हय ।।





