काठमाण्डू, २४ अगहनः प्रधानमन्त्री सुशीला कार्की निर्धारित समयमे प्रतिनिधि सभा सदस्यके निर्वाचन सम्पन्न करबाक लेल सब पक्षकेँ सहयोग करए अनुरोध केलैन अइछ । मानवअधिकार रक्षकसभक सुरक्षा आ पहिचानक लेल आवश्यक कानुन निर्माण, वैदेशिक रोजगारीकेँ सुरक्षित आ मर्यादित बनेबाक प्रयास आ ६म राष्ट्रिय मानवअधिकार कार्ययोजनाके निर्माण क कार्यावंयन केनाइ सरकारक पहिल प्राथमिकता भेल ओ जानकारी देलैन ।
७७म अन्तर्राष्ट्रिय मानवअधिकार दिवसके अवसरमे आइ शुभकामना दैत प्रधानमन्त्री कार्की सरकार भ्रष्टाचारक विरुद्धमे कठोर निर्णय करत से प्रतिबद्धता जनाबैत सुशासन कायम केनाइ सरकारक लक्ष्य भेल धारणा व्यक्त केलैन । पारदर्शिता आ जवाफदेहिताके वातावरण बिना मानवअधिकार सुरक्षित नै होबाक उल्लेख करैत ओ अइ मार्गमे सरकार दृढतापूर्वक आगु बइढ़ रहल बतौलैन ।
प्रधानमन्त्री कार्की कहलैन, “लोकतन्त्रके आत्माके अर्थ स्वच्छ आ निष्पक्ष निर्वाचन छै । नागरिक भय, प्रलोभन या दबाब बिना अपन प्रतिनिधि चुइन सके से वातावरण सुनिश्चित केनाइ राज्यके मौलिक दायित्व छै । अइगला फागुन २१ गतेके निर्वाचनकेँ आओर मितव्ययी, पारदर्शी आ प्रविधिमैत्री बनेबाक लेल सरकार प्रतिबद्ध छै ।” निर्वाचनमे खटैबला सुरक्षा निकायक कर्मचारीकेँ उच्च मनोबलसँ काज करबाक वातावरण सरकार मिलाओत से ओ विश्वास व्यक्त केलैन ।
सम्पूर्ण बालिग नेपालीके मताधिकारकेँ सुनिश्चित करैत सब राजनीतिक दलकेँ निर्वाध रुपमे भाग लेबए आ निर्वाचन जेहन लोकतान्त्रिक अनुष्ठानकेँ सफल बना मानवअधिकारके सम्मान, संरक्षण आ प्रवर्द्धन करबाक लेल प्रधानमन्त्री कार्की अनुरोध केलैन ।
“नेपालक शान्ति प्रक्रियासँ विश्वकेँ प्रेरणा भेटल छै । मुदा, सङ्क्रमणकालीन न्यायके बाँकी काज निस्कर्षमे पहुँचबाकमे देरी भ रहल छै से विषयमे सरकारकेँ जानकारी छै । पीडितकेँ न्यायके अनुभूति नै होबएधैर सङ्क्रमणकालीन न्याय पूर्ण नै हएत”, प्रधानमन्त्री कहलैन । किछ समय पहिने परिमार्जित कानुन आ सहमतिसभक आधारमे अइ प्रक्रियाकेँ पीड़ितमैत्री आ विश्वसनीय निष्कर्षमे पहुँचेबाक लेल सम्बन्धित संयन्त्रसभ सफल हएत से हुनक कहब छलैन ।
राष्ट्रिय मानवअधिकार आयोग लोकतन्त्रके पहरेदार संस्था भेलासँ एकर स्वायत्तता, स्वतन्त्रता आ प्रभावकारिताकेँ सरकार उच्च प्राथमिकतासँ संरक्षण करैत आएल उल्लेख करैत प्रधानमन्त्री कार्की आयोगक सिफारिससभ कार्यावंयन करबाक लेल सरकार प्रतिबद्ध भेल बतौलैन । आयोगकेँ ‘क’ श्रेणीमे कायम राखबाक लेल संस्थागत तथा भौतिक पूर्वाधार, जनशक्ति आ बजेट व्यवस्थापनकेँ आओर सुदृढ बनेबाक ओ उल्लेख केलैन ।
प्रधानमन्त्री कार्की कहलैन, “मानवअधिकारक संरक्षणमे जलवायु परिवर्तन आजुक दोसर पैघ चुनौतीके रुपमे छै । नेपाल न्यूनतम कार्बन उत्सर्जन करबाक राष्ट्र होइतो जलवायु परिवर्तनक विनाशकारी प्रभावसभ सबसँ बेसी भोइग रहल छै ।”
सरकार अनुकूलन, जोखिम न्यूनीकरण, दीर्घकालीन विकास आ जलवायु न्यायके क्षेत्रमे राष्ट्रिय तथा अन्तर्राष्ट्रिय साझेदारीकेँ मजबुत बनाबैत सक्रिय रुपमे आगु बइढ़ रहल ओ बतौलैन ।
प्रधानमन्त्री कार्की दीर्घकालीन विकासक लक्ष्यके मूल भावनासँ गरिबी न्यूनीकरण, लैङ्गिक समानता, सामाजिक न्याय, समावेशिता, शान्ति आ समृद्धिके दिशामे सरकार निरन्तर अग्रसर भेल बतौलैन । नेपाल पक्ष भेल अन्तर्राष्ट्रिय मानवअधिकार महासन्धिअन्तर्गतके दायित्वसभ समयमे पूरा करबाक चाही तइपर ओ जोड़ देलैन । (रासस)





