राेशन जनकपुरी
शहिद दुर्गानन्द । जे मृत्यु स्वीकार कयलक, अपन राजनैतिक आस्था आ प्रतिबद्धता स बैमानी नइँ कयलक ।
ओ राजतन्त्र विराेधी आ लोकतन्त्र समर्थक छल, तैँ जखन राजा देशपर निरङकुशता लदलक त ओ राजापर बम प्रहार कयलक । ई गणतन्त्र एहने बहुताे दुर्गानन्दके महान शहादतके परिणाम अइछ ।
२०१८ साल माघ ९ गते जनकपुरमे राजा महेन्द्रके जीपपर बम प्रहार भेल छल । एकटा विशेष अदालत बिना सुनवाई मृत्यु दण्डके फैसला सुनाैलक। स्राेतसबहक अनुसार ओकरा माफी मँगलापर मृत्युदण्डक सजाय आजीवन कारावासमे बदैल देबाक विकल्प सेहाे देल गेल, लेकिन नेपाली जनताके ओ महान बेटा निरङकुशता आ अन्यायक विरूद्ध माथ झुकाबयके लेल तैयार नइँ भेल । २०२० साल माघ १५ गते काठमान्डूके सदरखाेरमे ओेकरा गाेली माइर क’ हत्या क’ देल गेल । अपन मृत्युके समय दुर्गानन्द एक्कैस बरखक छल ।
दुर्गानन्द शहिद मात्र नइँ, एकटा पथ के नाम अइ । एकटा परम्परा अइ, जे निरङकुशता, अन्याय, उत्पीडन आ अनीतिके विरूद्ध माथ नइँ झ्रुकयबाकलेल, बरू आवश्यक परय त हँसैत हँसैत माथ कटाब’लेल प्रेरित करैत अइछ। ई पथ चे ग्वेभारा, भगत सिंह, गंगालाल आ कृष्णसेन इच्छुकसन श्रमजीवि जनताके सन्तानसबके अमरताके महान पथ अइ ।
दुर्गानन्द एकटा विचार, जे जनवादी छल, जनताके सर्वोच्चता आ ओकर हितबला राजनीतिक व्यवस्थाके पक्षमे अपन जान तक न्योछावर कयलक। अखन जे राजनीति अइ, विशेष क’ वर्तमान चुनावी माहौल, जे राजनीतिक विचार आ जनताके हित स बेसी व्यक्तिगत हित आ सत्ता पर वर्चस्वके लेल अइ । आब राजनीतिक दल आ जनवादी उद्देश्य नइँ, सोझे व्यक्ति प्रधानमन्त्री प्रस्तावित होइत अइछ। मानो राजनीतिक विचार आ दल नइँ, व्यक्ति सर्वोत्कृष्ट होइत अइछ। ई फासीवादी प्रवृत्ति अइछ, जे कोनो व्यक्ति वा अवतारमे मुक्ति देखैत अइछ। ई निरंकुशता दिस ल’ जाइत अइछ। दुर्गानन्दके शहादत एहने निरंकुशताके विरुद्ध आ जनसर्वोच्चताके गरिमा स्थापित कर’के लेल छल ।
महान शहिद दुर्गानन्द जिन्दाबाद ! हार्दिक श्रद्धान्जलि





