सम्पत्ति विवरण बुझेबाक म्याद अखार महिनाधैर बढ़ाएल गेल


काठमाण्डू, २७ जेठः सम्पत्ति छानबिन आयोग सम्पत्ति विवरण बुझेबाक म्याद अखार महिनाधैर बढ़ौलक अइछ ।

सम्पत्ति विवरण बुझेबाक दायरामे रहल पदाधिकारीसभ अपन सम्पत्तिसम्बन्धी विवरण सङ्कलनक क्रममे अइछ । समय अपुग भेल कहलाक बाद अन्तिम बेर एक महिनाक म्याद बढ़ाएल गेल आयोगक अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार भण्डारी जानकारी देलैन ।

जेनजी आन्दोलनक क्रममे कार्यालयसभमे आइगजनी भेलासँ विवरण सङ्कलनमे समस्या भेल अनुमान कएल गेल अइछ । “ई अन्तिम बेर छै । आब म्याद नै बढ़ाएल जाएत । बढ़ाएल गेल म्यादमे सम्बन्धित पक्षकेँ अनिवार्य रूपमे सम्पत्ति विवरण दाखिल करए पड़त”, अध्यक्ष भण्डारी कहलैन,“आयोगमे अखनधैर तीन हजार पाँच सओसँ बेसी सम्पत्ति विवरण प्राप्त भेल छै ।”

सम्पत्तिसम्बन्धमे ६० सँ बेसी उजुरी प्राप्त भेल आयोगक अध्यक्ष भण्डारी जानकारी देलैन । निश्चिन्त आ निष्फिक्री भ सम्पत्तिसम्बन्धी प्रमाण राइख क अपन विवरण पेस करबाक लेल आयोग आग्रह केलक अइछ । प्राप्त विवरण दर्ता क छानबिनके प्रक्रिया आगु बढ़ेबाक आयोगक तैयारी अइछ ।

आयोग इएह जेठ महिनाधैर अपन सम्पत्तिके विवरण बुझेबाक लेल सम्बन्धित पक्षकेँ अनुरोध कएने छल । सार्वजनिक पदमे रहल, सेवानिवृत्त भेल वा हटल व्यक्ति अपने या अपन प्रतिनिधि या हुलाक या आयोगक इमेलमार्फत विवरण तथा उजुरी बुझेबाक व्यवस्था कएल गेल अइछ ।

आयोग २०४८ सँ २०८३ सालधैरके कोनो समयावधिमे सार्वजनिक पदधारण कएने व्यक्ति पदीय दुरुपयोग क अस्वाभाविक आम्दानी कएलापर उजुरी द छानबिन प्रक्रियामे सहयोग करबाक आग्रह केलक अइछ । प्रजातन्त्र पुनःस्थापना भेल करिब ३५ वर्षके अवधिकेँ २०६२/६३ सँ २०८२/८३ आ २०४८/४९ सँ २०६२/६३ सालधैर दू चरणमे विभाजन क फाइल तथा उजुरी छानबिन करबाक आयोग स्पष्ट केलक अइछ ।

वर्तमान सरकार २०४८ सालके बाद सार्वजनिक पदमे रहल, सेवानिवृत्त भेल वा पदसँ हटल व्यक्तिके सम्पत्तिके छानबिन क प्रतिबेदन बुझेबाक कार्यादेशसहित गठन कएने पाँच सदस्यीय आयोग हाल सम्पत्ति विवरण आ उजुरी सङ्कलनमे व्यस्त अइछ ।

आयोग परिसरमे भेटल किछ पूर्वकर्मचारी सम्पत्ति विवरण बुझेबाक लेल सहज भेल प्रतिक्रिया देलैन । विवरण बुझेबाक लेल मन्त्रालयगत ‘डेस्क’ बनेलासँ सहज भेल अधिकांशके प्रतिक्रिया अइछ ।

आयोगक अध्यक्ष भण्डारी सम्पत्ति विवरण बुझाबए आ उजुरी देबाक सङ्ख्या क्रमशः वृद्धि भ रहल कहैत ४० सँ ५० हजार व्यक्तिके सम्पत्तिक विवरण प्राप्त होबाक अपेक्षा कएल गल बताैलैन । बितल ३५ वर्षके अवधिमे सार्वजनिक पद धारण कएने राजपत्राङ्कित विशिष्ट एवं प्रथम श्रेणीके बहालवाला आ पूर्वकर्मचारीसहित ओइ समान सेवासुविधा लेने सार्वजनिक निकायक सबके विवरण बुझाबए पड़त से ओ जानकारी देलैन ।

आयोग अनुसार बहालवाला तथा पूर्वप्रधानमन्त्री, मन्त्री, राज्यमन्त्री आ सहायकमन्त्री, ओसभ नियुक्त कएने सल्लाहकार, स्वकीय सचिवसभके सम्पत्ति विवरण बुझेबाक व्यवस्था अइछ । तहिना, संवैधानिक आ न्याय सेवा परिषदसँ नियुक्त विशिष्ठ पदाधिकारीसभके विशिष्ट श्रेणी तथा ओइसँ उपरका सेवा सुविधा लेबैजका नियुक्त भेल विभिन्न संस्थान, समिति, निगम, प्राधिकरण, केन्द्रलगायत सार्वजनिक निकायक वर्तमान तथा पूर्वप्रमुख तथा सञ्चालक सदस्यसभके सेहो सम्पत्ति विवरण बुझाबए पड़त ।

विश्वविद्यालयसहितक शैक्षिक प्रतिष्ठान आ कूटनीतिक नियोगक प्रथम श्रेणीमे कार्यरत तथा पूर्वअधिकारीसभ, जनसम्पर्क बेसी हुअबला कार्यालयके हकमे राजपत्राङ्कित द्वितीय श्रेणीके बहालवाला तथा सेवानिवृत्त कर्मचारीकेँ सेहो सम्पत्ति विवरण बुझाबए पड़त । तहिना, पालिकाक पूर्व तथा वर्तमान प्रमुख तथा उपप्रमुखसहित ओइसँ उपरका पदसभमे निर्वाचित जनप्रतिनिधिसभके सेहो सम्पत्ति विवरण बुझेबाक व्यवस्था अइछ ।

सार्वजनिक पद धारण कएने आ निर्धारित समयमे बहाल रहि हाल कोनो किसिमक सेवासँ अवकाश भेल राजनीतिक पदाधिकारी, कर्मचारी तथा निजसभक परिवारसमेतके नाममे स्वदेश तथा विदेशमे रहल सम्पत्ति विवरण सङ्कलन तथा छानबिन क प्रतिबेदन बुझेबाक आयोगक कार्यादेश अइछ ।

अध्यक्ष भण्डारीके नेतृत्वमे छानबिन आयोगमे चण्डीराज ढकाल, पुरुषोत्तम पराजुली, गणेश केसी (प्रवक्ता) आ प्रकाश लम्साल सदस्य छैथ । (रासस)

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