जनकपुरधाम, २ साओनः अइ साल समयेमे वर्षा नै भेलासँ अखारके अन्तिमधैर मधेश प्रदेशमे करिब ५८ प्रतिशत खेतीयोग्य जमीनमे धान रोपनी भेल अइछ ।
मधेश प्रदेश कृषि विकास निर्देशनालय नक्टाझिज धनुषा अनुसार अखारमे मधेश प्रदेशमे कुल क्षेत्रफलके ५७ दशमलव ९३ प्रतिशत हेक्टर क्षेत्रफलमे धान रोपनी भेल अइछ । ताहिमे सबसँ बेसी सिरहामे ८० प्रतिशत आ सबसँ कम महोत्तरीमे ३९ दशमलव ५९ प्रतिशत क्षेत्रफलमे धान रोपनी भेल मधेश प्रदेश कृषि विकास निर्देशनालय बागवानी विकास अधिकृत किरण विश्वकर्मा जानकारी देलैन ।
जिलागत हिसाब सप्तरीमे ६८ हजार हेक्टर जग्गमध्ये ३४ हेक्टर, सिरहामे ५४ हजार हेक्टर जमीनमध्ये ४३ हजार २०० हेक्टरमे धान रोपनी भेल अधिकृत विश्वकर्मा जानकारी देलैन ।
एहिना, धनुषामे ४३ हजार ७०० हेक्टर जमीनमध्ये २१ हजार ८५० हेक्टर, महोत्तरीमे ४० हजार हेक्टर जमीनमध्ये १५ हजार ८३८ हेक्टर, सर्लाहीमे ४२ हजार ६९५ हेक्टरमध्ये २५ हजार ६१९ हेक्टर, रौतहटमे ३८ हजार ५०० हेक्टरमध्ये २१ हजार १७५ हेक्टर, बारामे ४५ हजार १०० हेक्टरमध्ये २४ हजार ८०५ हेक्टर आ पर्सामे ५३ हजार ९३८ हेक्टरमध्ये ३५ हजार ५९ दशमलव सात हेक्टर क्षेत्रफलमे धान रोपनी भेल विश्वकर्मा बतौलैन ।
कृषि प्राविधिकसभके अनुसार अखारभित्र धान रोपनी कएलापर उत्पादनमे सकारात्मक नजिता अएबाक अपेक्षा कएल गेल अइछ ।
अइ साल किसान उन्नत धानके बीया सङे रासायनिक तथा प्राङ्गारिक मलके उचित व्यवस्थापनमे सेहो ध्यान देने छैथ । तइयो किछ स्थानमे मलके उपलब्धता आ सिँचाइ पूर्वाधारमे अखनो चुनौती रहल सप्तरीके बोदेबर्साइके किसान अजय कुमार यादव बताैलैन । (रासस)





