आमसञ्चार सम्बन्धी तीन प्रमुख ऐनकेँ एकीकृत नवका विधेयक तर्जुमा तैयारी


काठमाण्डू, २१ साओन : सूचना तथा सञ्चार मन्त्रालय आमसञ्चार क्षेत्रकेँ समयानुकूल, एकीकृत आ उत्तरदायी बनेबाक उद्देश्यसँ राष्ट्रिय आमसञ्चार विधेयक तर्जुमा करबाक लेल तैयार कएल गेल अवधारणापत्र सार्वजनिक कएने अइछ। मन्त्रालय चालू आर्थिक वर्ष भितर ओइ विधेयक संसदमे दर्ता करबाक लक्ष्यकसहित आवश्यक तैयारी आगाँ बढ़ा रहल जनौने अइछ।

सार्वजनिक कएल गेल अवधारणापत्रमे संविधानद्वारा सुनिश्चित कएल गेल विचार तथा अभिव्यक्तिक स्वतन्त्रता, सञ्चारक हक आ सूचनाक हककेँ प्रभावकारी रूपमे कार्यान्वयन करैत सूचना प्रविधिक तीव्र विकास, डिजिटल तथा अनलाइन सञ्चारमाध्यमक विस्तार आ प्रसारण क्षेत्रक विविधीकरणकेँ सम्बोधन करए लेल नवका एकीकृत कानुन आवश्यक रहल उल्लेख कएल गेल अइछ। ओकर लेल अखन प्रचलनमे रहल छापाखाना तथा प्रकाशन सम्बन्धी ऐन, २०४८, राष्ट्रिय प्रसारण ऐन, २०४९ आ श्रमजीवी पत्रकार सम्बन्धी ऐन, २०५१केँ प्रतिस्थापन करैत एकेटा छाता कानुन आनएबला प्रस्ताव कएल गेल अइछ। मन्त्रालयक अनुसार अइ ऐनसभकेँ सामान्य संशोधन क मात्रे अखनक आवश्यकता पूरा करब सम्भव नै भेलासँ नवका एकीकृत कानुन आवश्यक भेल अइछ।

आमसञ्चारमाध्यमक अभिलेखीकरण, इजाजत, नियमन, संस्थागत विकास, टेलिभिजन सिग्नल उत्पादन तथा वितरण, अनुमति, नवीकरण, प्राविधिक अनुगमन सहित विषयकेँ एकेटा कानुनी ढाँचा भितर समेटैत विधेयकके तैयारी मन्त्रालय क रहल अइछ। अइसँ सञ्चार क्षेत्रक पछिलका विकास आ प्रविधिगत परिवर्तनकेँ कानुनी रूपमे सम्बोधन करबामे सहज होबाक मानल गेल अइछ।

ओहिना, अवधारणापत्रमे डिजिटल प्रकाशन तथा प्रसारणक स्पष्ट व्यवस्थापन, संघीय शासन व्यवस्था अनुरूप कानुनी संरचना, सञ्चारमाध्यमक व्यावसायिकता, पारदर्शिता आ जवाफदेहीताकेँ सुदृढ बनेबाक आवश्यकता, अनलाइन सञ्चार माध्यमक नियमनक लेल स्पष्ट कानुनी आधारक अभाव तथा ओटीटी (ओभर द टप) सहित नवका सञ्चार सेवाक व्यवस्थापनकेँ नवका कानुनक प्रमुख औचित्यक रूपमे उल्लेख कएल गेल अइछ।

प्रस्तावित विधेयकमे पत्रपत्रिका, अनलाइन सञ्चार माध्यम, प्रसारण तथा फ्रिक्वेन्सी व्यवस्थापन, आमसञ्चार सम्बन्धी व्यवस्था, श्रमजीवी पत्रकारक सेवा, शर्त तथा सुविधा, कसूर, सजाय आ पुनरावेदन तथा पत्रकार कल्याण कोष स्थापना सम्बन्धी व्यवस्था समावेश कएल जेबाक अवधारणापत्रमे उल्लेख अइछ।

मन्त्रालयक अनुसार सूचना तथा सञ्चार प्रविधि नीति तथा राष्ट्रिय आमसञ्चार नीति, २०७३ तार्किक (रयासनल) आ मिश्रित (मिक्स्ड) पद्धतिसँ तैयार कएल गेल आधारमे नवका विधेयकके अवधारणा विकास कएल गेल अइछ। अवधारणापत्र अनुसार प्रस्तावित कानुन कार्यान्वयनक लेल अलगसँ नवका संरचना आवश्यक नै पड़त। अखन सञ्चालनमे रहल सूचना तथा प्रसारण विभाग मार्फत कार्यान्वयन होबाक व्यवस्था प्रस्ताव कएल गेल अइछ। विधेयक तर्जुमा क्रममे सम्बन्धित मन्त्रालय, सरकारी निकाय तथा सरोकारवाला संस्था आ व्यक्तिसँ आवश्यक राय, सुझाव आ परामर्श लेल जेबाक मन्त्रालय जनौने अइछ। (रासस)

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