काठमाण्डू, ४ कातिक : प्रधानमन्त्री वालेन्द्र शाह दशमी भौगोलिक, सांस्कृतिक आ भाषिक विविधतायुक्त समाजमे सब वर्ग, समुदाय आ क्षेत्रक नागरिककेँ एकटा सूत्रमे बान्हबाक अवसर प्रदान करबाक बतौलैन अइछ ।
विजयादशमीके अवसरमे आइ शुभकामना सन्देश दैत ओ अइ पाबैनसँ सालोधैर दूर रहल साथीभाइ तथा परिवारजनसँ आत्मीयता बाटबाक अवसर सेहो देबाक उल्लेख केलैन ।
दशमीके अवसरमे देश तथा विदेशमे रहल नेपालीमे सुख, शान्ति समृद्धि आ उत्तरोत्तर प्रगतिके ओ मङ्गलमय शुभकामना व्यक्त केलैन ।
शुभकामना सन्देशमे ओ कहलैन, “आजुक दिनमे आसुरी प्रवृत्तिके रूपमे रहल भ्रष्टाचार, कुशासन, देरी, असमानता आ राजनीतिक व्यथिति हटाबए आ हरेक नागरिककेँ हमरा लगल सरकार छै से महसुस करेबाक लेल अपनासभकेँ एकजुट भेनाइ आवश्यक छै । इमान्दार प्रयास, अठोट आ सामूहिक मेहनतसँ अइ प्रकारक विकृति हटेबाक लेल मद्दत करत । परिवर्तनक लेल सोच सङे व्यवहार सेहो बदलनाइ जरुरी छै ।”
विजयादशमी अर्थात असत्यपर सत्यके विजय प्राप्त भेल उपलक्ष्यमे उत्सव मनेबाक दिन अइछ । पौराणिक मान्यताअनुसार इएह दिन दुर्गा भवानी महिषासुर जेहन आसुरी शक्तिपर विजय प्राप्त कएने मानल जाइत अइछ । तहिना, आजुक दिन भगवान राम सेहो असत्यके प्रतीक रावणके अन्त्य कएने दिनके रूपमे लेबाक लेल शुभकामना सन्देशमे उल्लेख अइछ ।
“विजयादशमी मनाबैतकाल मान्यजनसँ दुर्गा भवानीके प्रसादस्वरूप टीका, जमरा आ आशीर्वाद ग्रहण करबाक परम्परा छै । दुर्गा भवानी विजय प्राप्त कएनेजका अपनासभ सेहो हरेक सत्कर्ममे विजय प्राप्त क सकी से कामना मान्यजन करैत छैथ” ओ कलहैन ।
विजयादशमी लोकसभमे रहल अहंकार, लोभ, हिंसा आ विभेद जेहन नकारात्मक सोचकेँ त्यागै लेल प्रेरणा देबाक उल्लेख करैत सबकेँ अपन–अपन स्थानसँ क्षमताअनुसार विजयादशमी मनेबाक सद्भाव, एकता, सम्मान आ प्रेम एक आपसमे आदान प्रदान करबाक लेल प्रधानमन्त्री शाह आग्रह केलैन अइछ । (रासस)





