नियात्रा–मिथिला दलान
धर्मेन्द्र विह्वल
एहिबेर अपने गामऽठामऽक यात्रा । हँ, एहिबेर हम जनकपुरे यात्राक बारेमे लिखबाक प्रयास कऽरहल छी । बुद्ध एयरक विमान सँ जनकपुरलेल उड़बाक योजनामोताविक काठमाण्डूस्थित विमानस्थल पहुँचैत साँझऽके करिव साढ़े पाँच बाइज गेल छलए । उड़ानक समय रहैक पाँच बाइज कऽ पचास मिनेट । हड़बड़ाइत चेकइन काउण्टरके खोजीमे छलौं, पता चलल–उड़ानमे करिव एक घण्टा विलम्ब छैक । एखन तँ काउण्टरो नै खुजल छलैक । जे से, आब प्रतीक्षा करब छोइड़ आन कोनो विकल्प नै रहए । बैसबाक कोनो दऽर ताकिएरहल छलौ कि मिथिला पेन्टिङक प्रसिद्ध कलाकार एससी सुमन अभड़लाह । कने आगाँ बढ़लौं, देखै छी चर्चित सिनेमाकर्मी निर्माता–निर्देशक पुर्णेन्दु झा, प्रसिद्ध सहित्यकार समीक्षक अंग्रेजी विषयक प्राध्यापक डा सञ्जीव उप्रेती, समीक्षक आ प्रसिद्ध लेखिका अर्चना थापा, विकास अभियन्ता रोशनकुमार झा आदि सेहो ओतै छलैथ । सभऽक गन्तव्य छलैन जनकपुरधाममे मैथिल विकास कोषके संयोजनमे काइल अर्थात २०८२ फागुन ५ (तदनुसार २०२६ फ्रेबुअरी १७) सँ सुरु होबऽ जारहल जनकपुरधाम साहित्य, कला तथा अन्तर्राष्ट्रिय नाट्य महोत्सव । प्रत्येक दू वर्षमे आयोजित होइत आइबरहल महोत्सव ई पाँचम शृंखला एहिबेर चाइर दिन धैर चलत । ओहि विमानऽक यात्रीक रुपमे विमानस्थलमे राजनीतिकर्मी मातृकाप्रसाद यादव आ अधिवक्ता रमण कर्ण सँ सेहो भेट भेल रहए ।
हम जनकपुरवासी तएँ महोत्सवक आयोजक
जनकपुरवासीक हैसियत सँ कही तँ हम एहि महोत्सवक आयोजक सेहो छी आ एक सत्रक प्रस्तोता सेहो । हमरालेल एहि कार्यक्रममे सहभागिता महत्वपूर्ण आ आह्लादकारी अइछ । पेशागत व्यस्तताक कारण एखन हम बेसीकाल काठमाण्डू रहैत छी तएँ एहि महोत्सवक आयोजन सँ प्रत्यक्षरुपेँ सम्बन्धित आवश्यक प्रक्रिया सम्पादनहेतु समय नै निकाइल पेबाक क्षोभ हमरा सदैत रहैत अइछ । मुदा कतौ रही, एहि महोत्सवमे सहभागिताक प्रयत्न सदैत रहैए आ एखन धैर हम सबबेर सहभागी भेल छी । एहुबेर सहभागिताक उद्देश्य सँ यात्राहेतु जनकपुर उड़ानक प्रतीक्षामे विमानस्थलमे रही । डा उप्रेती सँ बहुत दिनके बाद भेट भेल रहए । कुशलक्षेमक औपचारिकता निर्वाह केलौं । हुनका सँ भेटघाट कम होइए, मुदा हुनकाप्रति हमर अगाध श्रद्धा अइछ । हम हुनक व्यक्तित्व सँ प्रभावित छी । कनेकाल सामयिक विषयपर बातचित भेल, चुनावके जे मौसम छै । बोर्डिङ पास लऽ सुरक्षा चेकजाँचके बाद भितर पैसलौं । हे लिअ ! उड़ानमे फेर चालीस मिनट विलम्ब ।

विमानस्थलपर हम सुमनजी, पुर्णेन्दु आ रोशन विमान–उड़ानक प्रतीक्षा करैत बैसि कऽ अनेक विषयपर बतिआए लगलौं । सन्दर्भ छलए महोत्सव । हमरा देखतेदेखते महोत्सवक आयोजन क्रमशः विशाल भऽगेल छै । एक÷दू दिनके आयोजन सँ प्रारम्भ भेल महोत्सव एहिबेर चाइरदिन धैर चलत । निश्चय आयोजनऽक भव्यताक एक मापदण्ड इहो अइछ । एहने बातसब चइलरहल छलै आ समय बितिरहल छलै ।
करिव पौने आठ बजे उड़ान भेलै आ सवा आठ बजे विमान जनकपुर विमानस्थल अवतरण केलऽक । ओतऽ अन्तर्राट्रिय स्तरपर चर्चित विद्वान भाषावैज्ञानिक समादरणीय डा रामावतार यादव सँ भेट भेल । ओहो इएह विमानऽक यात्री छलैथ, मुदा काठमाण्डूमे हिनका सँ भेट नै भेल । हिनका सँ हमर आत्मीय सम्बन्ध रहि आएल अइछ । बाल्यकालहि सँ एखन धैरकेँ हमर विकासक्रमऽक साक्षी डा यादव हमर पिताजीक विद्यालयकालीन सखा छथिन । हिनक विद्वताक चर्चा होइतकाल हम ई कहि गौरव करैछी जे ई हमरा तहिआ सँ चिन्हैत छैथ जहिआ हम स्कूलो नै जाइत रही आ डा यादव हमरा आइयो ‘मिस्टर डि झा’ कहि सम्बोधन करैत छैथ ।
चौधरीक पीठपर सवार वेताल
आयोजन पक्ष सँ संलग्नलोकैनद्वारा विमानस्थलपर गाड़ी पठाओल गेल छलए । हमरालोकैन रामानन्द चौकस्थित होटल सीता प्यालेसदिसि चललौ । ई होटलऽक सञ्चालक जीवनाथ चौधरीजी छैथ । जीवनाथजी अर्थात महोत्सव आयोजनऽक मूल पुरोहित अर्थात मुख्य भारवाहनकर्ता । मैथिली अभियानीक रुपमे मिथिला–विश्वमे अपन विशिष्ट पहिचान बनाचुकल चौधरीजीक सक्रियताक कारण ई आयोजन सफलरुपमे आयोजित भऽ रहल अइछ जँ कही तँ अन्यथा नै हएत ।
चौधरीक पीठपर वेताल भऽ सवार हमर अनन्य मित्र श्यामसुन्दर शशि, रमेश रञ्जन, सुनील मल्लिक, अनुज कुमार भाष्कर आ नित्यानन्द तथा बहीन विभा झाक तत्परता तथा त्याग सेहो महोत्सवक सफलताक एक महत्वपूर्ण आधार आ कारण अइछ । हिनकासभऽक अतिरिक्त आनो किछु गोटे छैथ जिनक सक्रियता सँ आयोजन भव्य बनैत रहलै अइछ । पत्रकार रिंकु गायत्री मिश्रक कहब छैन–निःसंकोच कहल जा सकैत छै, एहुबेरुक आयोजन हिनकालोकैनकेँ समर्पणक साक्षी अइछ ।

ओना हमर घर जनकपुरेमे अइछ आ सेहो बीच बजारमे । मुदा आयोजनऽक तैयारीक मादे सहभागी भऽ प्रत्यक्ष संलग्नताक लोभ, दोसर, महोत्सवमे सहभागी भेनिहार नेपाल आ भारत सँ आएल पाहुनलोकैन सँ शीघ्र भेट करबाक लौल आ तेसर डा यादवऽक आग्रह आदिक कारण सँ हम घर नै जा सोझे होटल सीता प्यालेस पहुँचल रही । सोचलौं, एखन होटले चली बरु काइल भोरमे घर चइल जाएब ।
होटल पहुँचैत राइतके करिव नओ वाइज गेल छलए । होटलमे सीमा पार (भारतीय मिथिला)सँ आएल सहभागी प्रसिद्ध गीतकार समादरणीय सीयाराम झा सरस, तारानन्द वियोगी, विकास वत्सनाभ, डा धनाकर ठाकुर आदि सँ भेट भेल । किसलय कृष्णकेँ तँ हम पाहुन नै बुझैत छियैन, ओ तँ आयोजन पक्ष सँ जुड़ल एक महत्वपूर्ण स्तम्भ छैथ । सरस जी सँँ बहुत दिनके बाद भेट भेल रहए । गोड़ लगलियैन आ पुछलियैन–सर चिन्हलियै हमरा ? हुनक स्नेहमिश्रित शव्द उच्चारित भेल–ई प्रश्न पुइछ कऽ हमर व्लडप्रेसर नै ने बढाउ । हमरा लागल जे हमरा बहुमुल्य पुरस्कार भेटल हुअए । डा रमानन्द झा रमणके सेहो एबाक रहैन मुदा अन्तिम समयमे ओ नै आइब सकलैथ, तकर जनतब हमरा छलए ।
पाहुनद्वारा मैथिली भवनके अवलोकन : हमरा गौरवबोध
होटलमे कनेकालऽक औपचारिकताक बाद हमरालोकैन मैथिली विकास कोषऽक कार्यालय अर्थात मैथिली भवनदिस गेलौ । वलवा टोलक बाद रहल ज्ञानकुपमे याज्ञवलक्य संस्कृत माध्यमिक विद्यालयक बगलमे निर्मित ई भवन मात्र जनकपुरेटाक नै बल्कि समग्र मिथिलाक गौरव भवनऽक रुपमे स्थापित भऽरहल अइछ । एतऽ पहुचलाक बाद हमरा पुरान बातसब मोन पडऽ लागल जहिआ अग्रज अवधेश पोखरेलऽक सान्निध्यक कारणे ई टोल आ क्षेत्र धाङल करैत छलौं ।

विहार कुण्ड आ सीता कुण्डऽक वीचमे मिथिला, कला, साहित्य आ रंगमञ्चहेतु महत्वपूर्ण संगमके रुपमे स्थापित इएह नवनिर्मत भवन एहिबेरुक महोत्सवक आयोजनस्थल छलए । एतऽ काल्हुक आयोजनऽक तैयारी चइलरहल छलए । भवन, भव्य मैथिली पुस्तकालय आ मैथिली कला (चित्र आ मूर्ती) प्रदर्शन केन्द्रके रुपमे तँ चर्चित भइएरहल अइछ सँगहि मिथिला संग्रहालय (म्युजियम)क रुपमे सेहो क्रमशः स्थापित भऽरहल अइछ । कोषके सदस्यसचिव आ महोत्सवक योजनाकारमध्य एक मित्र श्याम शशिक अनुसार, समग्रमे कही तँ ई भवन पछिला दिनमे मिथिला आ मैथिलऽक परिचय केन्द्रक रुपमे विश्ववीच अपन अस्तित्व निर्माण कऽ रहल अइछ ।
होटलमे प्राप्त जानकारीक आधारपर डा यादव, सुमनजी, पुर्णेन्दु, डा उप्रेती, थापा आ हम भोजन करबाक उद्देश्य सँ मैथिली भवन गेल रही । कनेकाल भवनऽक अवलोकन कएल गेलै । डा यादव, उप्रेती आ थापाक भवनऽक मादे ई पहिल अवलोकन भ्रमण छलैन । हुनकालोकैनकेँ उत्सुकता आ प्रशंसा सुइन हमरो गौरवबोध भेल । मोनमे ‘गदगदी’ भाव उत्पन्न हएब स्वाभाविक । वाह ! जनकपुरमे मिथिला संस्कृतिक मादे एक दर्शनीय स्थलऽक निर्माण भेलैए जे हमरालोकैन पाहुनकेँ सगौरव देखा सकैछी । मधेश प्रदेश सरकारसमेतऽक सहयोगमे निर्मित ई भवन कल्हुका दिनमे अपन उद्देश्यपूर्तिमे आर बेसी सफल आ सक्षम हएत से विश्वास करब गलत नै हएत ।

एतऽ भोजनके व्यवस्था तँ छलै मुदा कने विलम्ब रहै । डा यादव कने भुखाएलसन रहैथ । जीवनाथजीसँग परामर्शके बाद ई निर्णय भेल जे हमरा नेतृत्वमे ई टोली होटले लौटत आ ओतहि भोजन हेतै । मैथिली भवनमे नित्यानन्द आ भाष्कर सँ तँ भेट भेल रहए मुदा श्याम आ रमेश सँ भेट बाँकिए रहए से होटलमे भऽगेल । बहुत वर्षक बाद हम, श्याम आ रमेश एना एकहिबेर एकहिसँग भेट भेल रही । मित्रमिलनऽक ई अनुपम अवस्थाक वर्णन नै कएल जा सकै छै,, ओना हम एहि बातहेतु साक्षीक रुपमे सुमनजीकेँ रखने छियैन ।
जामुनके दोकानमे चाहपान
दोसर दिन प्रातःकाल हम कार्यरत संस्था राष्ट्रिय समाचार समिति (रासस)के मधेश प्रदेश प्रमुख सुरेश झा जी आ संमाचारदाता चन्दन ठाकुरजी होटल एलैथ । ओतऽ सँ हमरालोकैन तीनुगोटे आगाँ बढ़लौं । भोरऽक करिव सात बाजल छलए, रामानन्द चौकपर जामुनके दोकानपर चाह पिलौं । एतौका चाहक स्वाद हमरा किछु विशेष लगैए । एतबए नै जँ आहाँकेँ स्थानीय समाज आ राजनीतिक सम्बन्धमे प्रारम्भिक जनकारी चाही तँ जामुनके चाह दोकान एक महत्वपूर्ण केन्द्र बइन सकैए । आ तकरबाद जानकी दर्शन । बहुत दिनऽक बाद जानकी दरवारमे हाजिरी अपनेमे खास रहए ।
मित्रसभ सँ भेटघाट : ‘नोस्टालजिक’ हम
महोत्सवअन्तर्गत भोर नओ बजे सँ प्रसिद्ध मैथिली गायक संगीतकार सुनील मल्लिकजीक संयोजनमे झाँकीसहित नगरपरिक्रमाक कार्यक्रम छलए । झाँकीसहितक ई नगरयात्राकेँ हम सांस्कृतिक यात्रा कहबै । लगै छलए एना जे सम्पूर्ण मिथिलाक संस्कृति एकहिठाम एकत्रित भऽ प्रदर्शित भऽरहल होइक । झाँकी यात्राक बाद कनेकाल फेर होटल आएल रही । ओतऽ पित्ती धीरेन्द्र प्रेमर्षि, प्रसिद्ध मैथिली अभियानी बहीन विभा झा, गायक संगीतकार मित्र सुनीलके अतिरिक्त अनुज प्रवीणनारायण चौधरी, उमेश यादव आ पंकज वर्मासहितऽक विराटनगरके टोली सँ भेट भेल । ओतऽ सँ पुनः यात्रा मैथिली भवनदिसि ।

दुपहरियाक करिव एक वजे कार्यक्रमस्थलेपर हमरालोकैन भोजन केलौं–भात दाइल, डालना तरकारी, मुरैके अचार आ पापड़ । वाह ! एहि भोजनऽक स्वादकेँ कतबो प्रशंसा कएल जाए कमे हएत । ई स्थल हमरालेल एहिबेर बहुत महत्वपूर्ण बइनगेल । बहुत दिनके बाद पुरान मित्रसभ सँ भेट भेल रहए । राजकिशोर साह, राजकुमार झा, विष्णुकान्त मिश्र, गंगाकान्त झा, सुनीलमार मिश्र, मदन ठाकुर, योगेन्द्र पण्डित, राकेश मिश्र आदि सँ भेल भेट हमरा एकबेर अतीतदिसि लऽ जा कऽ ‘नोस्टालजिक’ बना देलक । तहिना ओतहि मिडिया काउन्सिलके अध्यक्ष सुरेश यादव, पत्रकारलोकैन अजित तिवारी, घनश्या मिश्र, चाँदनी झा, कमलेश ठाकुरलगायत सँ सेहा् भेट भेल रहए ।
विचारोत्तेजक विमर्श सत्र
चाइरदिन धरि चलल एहि महोत्सवमे हम पुरा सहभागी नै भऽ सकलौं, एकर क्षोभ हमरा अइछ । हमर संस्थाक ६५म वार्षिकोत्सव (फागुन ७)आसन्न छै तएँ हमरा शीघ्र काठमाण्डू लौटबाक छलए । महोत्सवमे मिथिला, मैथिल आ मैथिली सँ सम्बन्धित करिव डेढ़ दर्जन वैचारिक विमर्श सत्रसबहक आयोजन कएल गेल छलै । ई सत्रसब मिथिलाक पुननिर्माणक मादे आधार तयार करबाहेतु महत्वपूर्ण छल । विचारोत्तेजक सत्रसबहक माध्यम सँ मिथिला आ मैथिलऽक सम्बन्धमे नव ढंग सँ सोचबालेल पृष्ठपोषण उपलब्ध भेल कही तँ अनुचित नै हएत ।
ई सत्रसबमे सहभागी स्रोतव्यक्तिक माध्यम सँ जनकपुरकेँ नेपालऽक राजधानी काठमाण्डूसँगहि नेपाल आ भारतमे पसरल मिथिला सँ जोड़बाक सार्थक प्रयत्न भेल से मानल जा सकैत छै । पाया आर आ पारऽक मुर्धन्य व्यक्तित्वसभऽक उपस्थिति जनकपुरकेँ ठिकेँ उत्सवमय बना देलकै । महोत्सवक पहिल विमर्श सत्र ‘उठलै किए विहाडि़’ मे आदरणीय सिके लाल, अर्चना थापा, पत्रकार सुधीर शर्मा आ अनुसन्धानकर्ता डा भाष्कर गौतमसँग हमहुँ सहभागी छलहुँ । सत्रके सहजीकरण टेलिभिजन पत्रकार श्वेता सिन्हा केने रहैथ । नीक अनुभव रहल ।
विमर्श सत्रसबहक सँगहि महोत्सवक क्रममे छ टा नाटक मञ्चन भेल रहए । एहिना कवि गोष्ठी आ सांस्कृतिक कार्यक्रम महोत्सवक खास आकर्षण सावित भेल । निश्चय ई महोत्सवक क्रममे आयोजित विविध कार्यक्रमसब मिथिलाक पुनरुत्थान र पुनर्जागरणक दृष्टिएँ महत्वपूर्ण रहल से हमर मानब अइछ । एतबए नै मिथिलाक कला, साहित्य आ संस्कृतिक सम्बद्र्धन आ संरक्षणक माध्यम सँ मिथिला राष्ट्रियताक प्रवद्र्धनके दिशामे सेहो ई महोत्सव महत्वपूर्ण रहल । एहिबेरुक महोत्सवक एक खास पक्ष हमरा आर अनुभूत भेल, ओ छल महोत्सवक महत्व, आयोजन, सहभागिता आ सरोकारवाला पक्षक विस्तार ।
सरोकारवाला पक्षक विस्तार : स्वामित्वग्रहणक भाववृद्धि
विगतमे मधेश प्रदेश सरकार आ जनकपुर उपमहानगपालिकाक मात्र सहयोग प्राप्त होइत रहल महोत्सवक सहआयोजककेँ रुपमे एहिबेर राजर्षि जनक विश्वविद्यालय सेहो प्रस्तुत भेल देखल गेल । तहिना एहिबेर गौशाला नगरपालिका, लोहरपट्टी नगरपालिका, महोत्तरी गाउँपालिका, मटिहानी नगरपालिका, धनुषाधाम नगरपालिका आ पिपरा नगरपािलकालगायत आधा दर्जन स्थानीय सरकारद्वारा महोत्सव आयोजनमे सहकार्य भेल जानकारी स्वामित्वबोधऽक दृष्टिएँ स्वयंमे अत्यन्त महत्वपूर्ण अइछ । ई सहकार्य एहि प्रकारक महोत्सवक भविष्ययात्राहेतु बहुत खास अर्थ रखै छै ।

नेपोभिट टायल्सक प्रायोजन आ नेपाल ललितकाला प्रज्ञा प्रतिष्ठान, मधेश प्रज्ञा प्रतिष्ठान, प्यावसन, एनप्यावसन, बुद्ध आ यति एयरलाइन्सक सहयोग प्राप्त हएब महोत्सवक वृहत्तर स्वीकृतिक परिचायक अइछ । एहि दृष्टिएँ देखल जाए तँ महोत्सवक आयोजन सफल रहल । आयोजक संस्था मैथिली विकास कोषऽक अध्यक्ष जीवनाथ चौधरीजीक वक्तव्यकेँ पैंच लऽ कहल जा सकैत अइछ जे, मिथिला कला, साहित्य आ संस्कृतिक संरक्षणक सन्दर्भमे जनचेतना जागृत करेबाक अपन उद्देश्यमे महोत्सव सफल रहल । एहिबेरुक आयोजनमे आमसहभागिता बढ़ल आ सहयोगी पक्षक दायरा सेहो विस्तार भेल अनुभव कएल गेल कहैत हुनक कहब छैन– एहि सँ ई पुष्टि होइए जे हमरालोकैन इजोत पसारबाक ठिक रस्तापर अग्रसर छी । हमरालोकैन समाज उन्नयनऽक रस्ता गढ़बाक प्रयास कऽ रहल छी आ लोकसभ रस्तापर आइबरहल छइथ शनैशनः ।
हमरा फागुन ५ गते काठमाण्डू घुइर एबाक छलए । पहिल दिनऽक पहिल सत्रमे हम सहभागी छलौं । कने विलम्ब सँ सत्र सुरु भेलै । हमर हवाइयात्राक समय सन्ध्याकाल सात बजेक छल । ज्ञानकुपेमे सवा छ बाइजगेल छलए । अपनाकेँ ‘असभ्य’ घोषित करैत हम क्षमा मगैत सत्रक बीचे सँ बहुतरास सभ्य आँइखक सामना करैत विमानस्थलदिसि प्रस्थान केलौं । पाछाँ घुइम देखलियै, विजलीक इजोतमे चमकैत मैथिली भवनऽक चित्रसब हमरा फेर घुइर एबाक आमन्त्रण कऽ रहल छल ।
राष्ट्रिय समाचार समितिक अध्यक्ष धर्मेन्द्र झा, पत्रकारिता, साहित्य एवम् समसामयिक विषयसबमे सशक्त रुपमे कलम चलबैत आइब रहल छइथ । सं.
Image : Maithili Vikash Kosh/Janakpurdham





